ट्रांसफार्मर उठा कर ले जाते ग्रामीण। वीडियो ग्रैब।
भरमौर (चंबा)। सरकारी सिस्टम का फ्यूज उड़ा देखकर पूलन पंचायत के ठठान गांव के लोगों ने कंधों पर सरकारी बोझ ढोकर अपने घरों के बल्ब जला दिए। दरअसल, 15 दिन तक अंधेरे में रहने के बाद जब बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने ट्रांसफार्मर सड़क पर रखकर लेबर के लिए बजट न होने का हवाला देकर उसे गांव तक पहुंचाने से इन्कार कर दिया तो ग्रामीणों ने खुद ही ट्रांसफार्मर को कंधों पर उठाकर गांव तक पहुंचाया। करीब डेढ़ किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय कर यह ट्रांसफार्मर गांव पहुंचाया, तब जाकर बिजली बहाल हो सकी। पंचायत के प्रधान अंग्रेज कपूर ने बताया कि 15 दिन पहले क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण ठठान गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई थी। बिजली बोर्ड को कई बार सूचित करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शनिवार को कर्मचारी नया ट्रांसफार्मर तो लेकर आए, लेकिन उसे सड़क किनारे छोड़ कर यह कह दिया कि हमारे पास लेबर देने के पैसे नहीं हैं, आप लोग खुद इसे गांव तक पहुंचाएं। मंगलवार को ग्रामीणों ने लकड़ी के डंडों और रस्सियों की मदद से ट्रांसफार्मर को बांधा और सामूहिक प्रयास से कंधों पर उठाकर ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए उसे गांव तक पहुंचाया। इसके बाद बुधवार को बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने ट्रांसफार्मर स्थापित किया और बिजली आपूर्ति बहाल की। विद्युत बोर्ड के सहायक किशन सूर्यवंशी ने बताया कि ठठान गांव में बिजली आपूर्ति को बहाल करवा दिया है। उधर, विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता किशन सूर्यवंशी ने बताया कि ठठान गांव में बिजली आपूर्ति को बहाल करवा दिया है। इसके साथ सुपा गांव में भी नया ट्रांसफार्मर स्थापित करके बिजली आपूर्ति बहाल करवा दी है।