मुमताज बेगम उत्पादों के साथ दाएं। संवाद
चंबा। जिले की साल घाटी की ग्राम पंचायत साहो की रहने वाली मुमताज बेगम ने अपने हुनर और मेहनत से न सिर्फ खुद के लिए बल्कि गांव की कई महिलाओं के लिए भी रोजगार की राह खोल दी है। मुमताज 10 साल से जड़ी-बूटियों से बने प्राकृतिक उत्पाद तैयार कर रही हैं। उनके बनाए साबुन, शैंपू, हेयर ऑयल और फेस वॉश की खुशबू अब दिल्ली, असम, गुजरात, केरल, जम्मू, पंजाब और हरियाणा तक फैल चुकी है।
अपने इस छोटे-से उद्योग में मुमताज ने 10 अन्य महिलाओं को भी काम पर सिखया है, जिन्हें वह हर माह लगभग 10,000 रुपये का मेहनताना देती हैं। वह कहती हैं कि शुरुआत बहुत छोटी थी, पर जब बाजार से मांग बढ़ी तो अकेले काम संभालना मुश्किल हो गया। तब मैंने गांव की महिलाओं को सिखाया और अब सब मिलकर काम कर रही हैं।
आज उनका यह प्रयास न केवल स्वावलंबन की मिसाल है बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का प्रतीक भी बन चुका है। मुमताज की वार्षिक आय चार से पांच लाख रुपये तक पहुंच गई है।
इन जड़ी-बूटियों से बनते हैं उत्पाद
मुमताज अपने हर्बल उत्पाद तैयार करने में बिच्छू बूटी, अमरबेल, एप्रीकोट, पुदीना और अन्य स्थानीय जड़ी-बूटियों का प्रयोग करती हैं। ये प्राकृतिक तत्व उत्पादों को न सिर्फ महकदार बनाते हैं बल्कि त्वचा और बालों के लिए सुरक्षित भी हैं।
मेड इन चंबा को पहचान देने का प्रयास
मुमताज बेगम का यह प्रयास दिखाता है कि अगर गांव की महिलाएं अवसर और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो उनके उत्पाद न सिर्फ बाजार जीत सकते हैं बल्कि देशभर में मेड इन चंबा की पहचान भी बना सकते हैं।