सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की तीन पंचायतों के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग
सड़क सुविधा से वंचित हैं। हालात यह हैं कि लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए पांच से दस किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। ग्रामीणों की मुश्किलें तब और बढ़ जाती हैं, जब उन्हें किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। बीमार को पालकी या फिर पीठ के सहारे ही मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। कहा कि सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने की बातें कर रही है वहीं, उन्हें आज तक सड़क नसीब नहीं हुई है। कहा कि ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित करने के बावजूद आज दिन तक गांव के लिए सड़क नहीं बन पाई। लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन को ग्रामीण कई बार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन, अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला मार्केट कमेटी अध्यक्ष से भी मिला। उन्हें ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस साल सड़क का कार्य शुरू न होने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
ग्राम पंचायत सलूणी, सूरी और खरल के तहत आने वाले कैैमली-एक, दो और तीन, कमलेहड़, देवगाह-एक और दो, गुठाहण, सुकड़ाह, लेहनाई, शलियुंड, मुंडाह, कोटला, गुंबरा, सूरी, धनपड़, अटालू, कनेड़ी, टप्पर, ढबियुंडा, बनी और भेलू सहित अन्य गांव के लोग सड़क सुविधा के लिए तरस रहे हैं। गांव में यदि कोई बीमार हो जाए तो परिजन को उसे मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए पांच लोग तैयार करने पड़ते हैं, जिनके कंधों पर पालकी में बीमार को सड़क तक पहुंचाया जाता है। यहां से निजी वाहन या एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। दिनेश कुमार, मुसद्दी राम, चमन दास, जोधा राम, प्रेम सिंह, चमन सिंह, राकेश कुमार, रविंद्र ठाकुर, अमित ठाकुर और बिहारी लाल ने सरकार और प्रशासन से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग की है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक महाजन ने बताया कि गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए विभाग औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। जल्द गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।
जिला मार्केट कमेटी अध्यक्ष डीएस ठाकुर ने बताया कि वह ग्रामीणों की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए सरकार की तरफ से हरसंभव प्रयास किए जाएंगे