पांगी चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी में बालन के दाम कम करने और विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की तबीयत खराब हो रही है। वीरवार को जब प्रशासन के कहने पर डॉक्टरों ने हड़ताल पर बैठे लोगों के स्वास्थ्य की जांच की तो इसमें एक का बीपी तो दूसरे की शुगर बढ़ी हुई मिली। डॉक्टरों ने उन्हें दवाई खाने का परामर्श दिया, लेकिन दोनों ने दवाई खाने से इनकाल कर दिया।
भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व जनजातीय सलाहकार समिति सदस्य एवं पूर्व प्रधान सुराल कल्याण सिंह ठाकुर और सतीश कुमार पंचायत समिति सदस्य शुण-सैचू नाला ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हाेतीं, तब तक वे न तो अपनी भूख हड़ताल तोडेंगे और न ही दवाई खाएंगे। वीरवार को उनके समर्थन में लोगों की भीड़ आवासीय कार्यालय के बाहर जमा हो गई। लोगों ने सरकार व पांगी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
सतीश कुमार राणा और कल्याण सिंह ठाकुर का कहना है सरकार और प्रशासन कि पिछले साल बालन लकड़ी की दरें बढ़ा रही है, जबकि पांगी वासी इसे कम करने की मांग कर रहे थे। कागजों में विद्युत उपकरणों (मशीनों) की मरम्मत होती है, लेकिन धरातल पर उनकी हालत खस्ता रहती है। इसकी वजह से सर्दी के मौसम में पांगी में बिजली सेवाएं चरमरा जाती हैं। इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण सर्दियों में पांगी के लिए पहले की तरह हवाई सेवाएं होनी चाहिए। इन मांगों के पूरा होने तक वे हड़ताल पर डटे रहेंगे।
इनसेट
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाष ठाकुर ने बताया कि हड़ताल पर बैठे दोनों लोगों की तबीयत खराब हो रही है। यदि उन्होंने दवाई नहीं खाई तो इसका असर उनके हृदय पर भी हो सकता है।