चंबा। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन की पांगी किलाड़ इकाई की बैठक प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में प्रदेशाध्यक्ष ने बिजली बोर्ड में भारी स्टाफ कमी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में बोर्ड के विभिन्न श्रेणियों के लगभग 9,500 पद खाली पड़े हैं। इससे उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली आपूर्ति बनाए रखने में कठिनाई हो रही है। प्रदेशाध्यक्ष ने बोर्ड में खाली पदों को शीघ्र भरने की मांग की। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा बोर्ड में 2,000 से अधिक तकनीकी पदों को भरने की पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
साथ ही आग्रह किया कि आउटसोर्स के माध्यम से प्रस्तावित पदों को नियमित टी-मेट की तर्ज पर भरा जाए ताकि 24 घंटे निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बोर्ड प्रबंधन से आग्रह किया कि इम्प्लॉइज यूनियन के 18वें अधिवेशन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को शीघ्र लागू किया जाए।
साथ ही उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे बिना विलंब लागू करने की मांग की। उन्होंने साथ ही 81 आउटसोर्स ड्राइवरों को निकाले जाने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा रिक्त पद इन्हीं कर्मचारियों से भरे जाएं।
बैठक में यूनियन के महासचिव प्रशांत शर्मा ने बोर्ड में युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) के नाम पर कर्मचारियों के पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया का विरोध किया।
उन्होंने बोर्ड की नई भर्ती प्रक्रिया का स्वागत करते हुए कहा कि भर्ती आउटसोर्स पर नहीं, सीधे बोर्ड द्वारा नियमित रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को भी बोर्ड के निजीकरण की दिशा में कदम बताते हुए इसका विरोध किया। प्रशांत शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से न केवल आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं प्रभावित होंगी बल्कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।
इस मौके पर अध्यक्ष संजीव सोनी, महासचिव विनोद ठाकुर, उपाध्यक्ष संतोष कुमार, विनोद कुमार, कमलेश कुमारी, सोनिका, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार, मुख्य सलाहकार अशोक कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।