सलूणी (चंबा)। चंबा, सलूणी, चुराह और अन्य क्षेत्रों में किसानों के लिए बिना बारिश के आलू की बिजाई चुनौती बन गई है। उनका कहना है कि महंगे दाम पर उन्होंने आलू का बीज खरीदा है, लेकिन खेतों में नमी न होने के कारण वे बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों के अनुसार इस वर्ष आलू का बीज करीब 40 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया है। इसमें इस बार अनुदान भी नहीं मिला। अब उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है।
कहां, कितना बीज भेजा
कृषि विभाग चंबा के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार जिला चंबा के लिए 300 क्विंटल, भरमौर के लिए 60 क्विंटल, मैहला के लिए 100 क्विंटल, सलूणी के लिए 1,000 क्विंटल और तीसा के लिए 150 क्विंटल आलू का बीज भेजा गया है। पूरे जिला के किसानों की इस बार विभाग के पास 1660 क्विंटल आलू के बीज की डिमांड पहुंची थी। बारिश की इस दौरान काफी आवश्यकता है।
इस बार आलू का बीज 40 रुपये किलो खरीदना पड़ा है। खेत तैयार हैं, लेकिन बारिश न होने से बिजाई नहीं कर पा रहे। रोज आसमान की तरफ देख रहे हैं, पर अभी तक बादल भी साथ नहीं दे रहे। संजीव कुमार, किसान
हर साल समय पर बारिश हो जाती थी और आलू की फसल अच्छी होती थी। इस बार बीज घर में ही रखा है। डर लग रहा है कि अगर देर हुई तो बीज खराब न हो जाए। कर्म सिंह, किसान
बीज, खाद और मजदूरी पर पहले ही खर्च हो चुका है। अगर जल्दी बारिश नहीं हुई तो पूरी मेहनत बेकार हो जाएगी। लागत निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। किशन पंडित, किसान
आलू की फसल ही हमारे इलाके की मुख्य फसल है। मौसम की मार से इस बार चिंता ज्यादा है। अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। पीयूष राणा, किसान