चंबा। प्राकृतिक आपदा में जिन किसानों के खेतों या अन्य जगह पर नुकसान हुआ है, वहां पर दो लाख तक के डंगे लगेंगे। बशर्ते संबंधित पंचायत की ग्राम सभा शेल्फ पारित कर प्रस्ताव भेजे। ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत देते हुए इस प्रकार की व्यवस्था केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार की पैरवी पर की है।
इससे पूर्व आपदा के दौरान खेतों या जमीन को होने वाले नुकसान की एवज में 50 हजार रुपये तक के कार्य करवाने का प्रावधान रहा है। इतना ही नहीं, यदि आपदा में हुए नुकसान से कोई परिवार या पात्र छूट गया हो तो वह भी पंचायत से शेल्फ पारित करवा कर जिला ग्रामीण अभिकरण विभाग (डीआरडीए) को भेज सकता है।
जिला चंबा में बीते माह हुई प्राकृतिक आपदा ने लोगों के घरों, जमीन को काफी क्षति पहुंचाई है। सरकार की ओर से प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए हरेक प्रयास किए गए हैं। इसी क्रम में प्राकृतिक आपदा से जमीन, खेतों को हुई क्षति की एवज में केंद्र सरकार की ओर से पात्र प्रभावितों को दो लाख के डंगे लगाने की अनुमति प्रदान की गई है जिसके लिए ग्राम सभा से शेल्फ पारित कर विभाग को भेजे जाएंगे।
विभाग की ओर से पूरी जांच प्रक्रिया के बाद उपायुक्त की ओर से ये सूची सरकार को भेजी जाएगी जिसकी अनुमति के बाद ये कार्य आरंभ हो सकते हैं। प्रभावितों को बड़ी राहत देते हुए प्रावधान किया गया है कि वे डंगे के निर्माण कार्य में मनरेगा के तहत 150 दिहाड़ी भी लगा सकेंगे जिसकी एवज में उन्हें मनरेगा के तहत मेहनताना भी मिलेगा।
जिला चंबा से प्राकृतिक आपदा के दौरान डंगों के निर्माण को लेकर अमूमन 404 करोड़ के बजट की डिमांड अब तक सरकार को भेजी गई है। जिला ग्रामीण अभिकरण विभाग के परियोजना अधिकारी तविंद्र चिनोरिया ने बताया कि आपदा से ग्रामीण क्षेत्रों में दो लाख तक डंगे लगाने की अनुमति केंद्र सरकार ने दी है। जिसके तहत जो आवेदन पहुंचे थे, उन्हें सरकार को भेजा गया है। यदि कोई किसी कारणवश छूट गया है और पात्र है वे पंचायत से शेल्फ पारित कर कार्यालय अपना प्रस्ताव भेजे उस पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।