चंबा। उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड एक ऐसा कार्ड है जिसके माध्यम से किसान किसी भी बैंक के एटीएम से किसी भी समय ऋण ले सकता है। यदि समय पर संबंधित बैंक में ऋण को वापस कर दिया जाए तो बहुत कम ब्याज दर देनी पड़ती है और अतिरिक्त ब्याज भारत सरकार की ओर से वहन किया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि किसान समय पर मूलधन राशि को वापस न करे तो यह सारा ब्याज किसान को वहन करना पड़ेगा।
इस संबंध में किसानों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की ओर से प्रशिक्षण एवं जागरुकता शिविरों के माध्यम से किसानों को जागरूक करने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 70 हजार किसान परिवारों में से केवल 20 हजार परिवार ही किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए 24 अप्रैल से लेकर एक मई तक किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत शत प्रतिशत किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जो किसान 24 अप्रैल को किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र जमा नहीं करवा सके हैं वे एक मई तक कार्ड बनवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए बैंक अधिकारियों की ओर से एक पन्ने का प्रार्थना पत्र जारी किया गया है। यह प्रार्थना पत्र नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय से भी प्राप्त किया जा सकता है। कोई भी किसान प्रार्थना पत्र, अपनी जमीन की जमाबंदी, ततीमा, आधार कार्ड की प्रतिलिपि और अपने दो पासपोर्ट फोटोग्राफ लेकर नजदीकी बैंक में जाकर किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं।