चंबा। गुवाड़ पंचायत के सरी गांव के स्कूली बच्चे रात को दीये की रोशनी में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। गांव में बिजली की वोल्टेज काफी कम है जिससे यहां के बाशिंदों को परेशानी हो रही है।
रात को बल्ब तो जलते हैं लेकिन उनकी रोशनी किसी जुगनू की रोशनी से ज्यादा नहीं होती। इसके चलते बच्चों को रात के समय अपनी पढ़ाई करने के लिए बल्ब के साथ दीया भी जलाना पड़ता है। कम वोल्टेज के कारण ग्रामीण अपने घरों में रखे बिजली से चलने वाले उपकरणों का भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता से भी मिला।
ग्रामीणों मनु कुमार, मीनू, अनु कुमार, बिंदू कुमार और अशोक कुमार ने बताया कि बेही ग्रां से सरी गांव तक जीआई के बिजली तार डाले गए हैं जिसकी वजह से गांव में कम वोल्टेज की समस्या है। इसके साथ ही केबल के काफी लंबे स्पैन हैं। यह भी कम वोल्टेज का कारण बन रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण बोर्ड से मांग कर रहे हैं कि यहां पर एल्युमीनियम के तार डाले जाएं। लोगों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं है बल्कि कई साल से ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं। इसके समाधान को लेकर कई बार आश्वासन तो मिले लेकिन उसका उचित समाधान नहीं हो पाया।
उन्होंने बोर्ड से मांग की है कि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को इस समस्या से निदान दिलाई जाए। बोर्ड के अधिशासी अभियंता पवन शर्मा ने बताया कि बेही ग्रांव में बिजली की समस्या का समाधान पहले ही कर दिया गया है। सरी गांव में कम वोल्टेज की समस्या का जल्द समाधान कर दिया जाएगा।