चंबा। शहर के समीप स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिद्धपुरा के 28 विद्यार्थी खतरे के बीच पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि डंगे के काम शुरू होने का सूचना पट्ट तो लगा दिया गया है। इसमें स्पष्ट लिखा है कि पंचायत की ओर से मनरेगा के तहत 16 जनवरी 2025 को कार्य शुरू हुआ और मजदूरों की दिहाड़ी तक का विवरण दर्ज है, लेकिन जमीन पर काम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा है।
जानकारी के अनुसार स्कूल भवन के ऊपर ढलान पर स्थित शौचालय के साथ लगा डंगा पूरी तरह जर्जर हो चुका है। तीन साल से स्कूल प्रशासन अधिकारी वर्ग को पत्राचार के माध्यम से स्थिति से अवगत करवा रहा है, लेकिन हालात जस के तस हैं। जनवरी में उम्मीद जगी थी कि कार्य शुरू होगा, लेकिन वह उम्मीद भी सूचना पट्ट तक ही सीमित रह गई।
पहली से पांचवीं तक कक्षाएं संचालित होने वाले इस स्कूल के बच्चे रोजाना क्षतिग्रस्त डंगे के नीचे पढ़ते हैं। अभिभावक भी लगातार चिंता में हैं कि कहीं अचानक डंगा ढह गया तो गंभीर हादसा हो सकता है। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। समय रहते मरम्मत न की गई तो यहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
यह मामला ध्यान में है। इस बारे में स्कूल प्रशासन और विभागीय कार्यालय में हुए पत्राचार की जांच की जाएगी और आगामी कदम उठाए जाएंगे। बलवीर सिंह, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा चंबा
स्कूल में डंगे के कार्य के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए जाएंगे। मुकेश रेपसवाल, उपायुक्त, चंबा