साहो (चंबा)। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण प्राथमिक पाठशाला कुंडाधार के विद्यार्थी खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने के लिए विवश हैं। भवन की छत दो साल पहले तूफान की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसकी आज दिन तक मरम्मत नहीं करवाई गई है। आलम यह है कि कड़कती धूप में विद्यार्थियों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करनी पड़ रही है जबकि बारिश होने पर विद्यार्थियों को या तो घर भेज दिया जाता है या उन्हें मिडल स्कूल धार में भेजना पड़ता है। इसके चलते स्कूल के अध्यापक भी काफी परेशान हैं। एक दिन पहले जिले में लगे भूकंप के झटके से भी भवन को नुकसान पहुंचा है। भवन की दीवारों पर भूकंप के कारण दरारें आ गई हैं। अभिभावक सरकार और शिक्षा विभाग से मांग कर रहे हैं कि क्षतिग्रस्त छत के साथ ही भवन की मरम्मत भी करवाई जाए अन्यथा भवन की दयनीय हालत विद्यार्थियों के लिए मुसीबत भी बन सकती है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मान सिंह, सदस्य मनोज कुमार, मानो देवी, हुको देवी और अब्दुल रहमान ने बताया कि स्कूल में 50 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण ग्रहण रहे हैं जो मौजूदा समय में खुले आसमान के नीचे ही पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं करवाई गई तो आने वाले समय में यह भवन पूर्ण रूप से खंडहर में तब्दील हो सकता है।
छत क्षतिग्रस्त होने की सूचना नहीं है। एसएमसी अगर भवन की मरम्मत को लेकर प्रस्ताव बनाकर शिक्षा विभाग को भेजे तो उसके आधार धनराशि स्वीकृत करवाई जाएगी। -प्यार सिंह चाढ़क, उच्च शिक्षा उपनिदेशक।