चंबा। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने सरकारी विभागों से आउटसोर्स कर्मचारियों को बाहर न करने की मांग की है। संघ के जिला अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि ये कर्मचारी न्यूनतम वेतन पर प्रदेश के दुर्गम इलाकों में अपनी सेवाएं पूरी ईमानदारी से दे रहे थे लेकिन विभाग ने इन कर्मचारियों को बिना कोई नोटिस देकर नौकरी से बाहर कर दिया है। कर्मचारियों का अनुबंध 31 दिसंबर तक था। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि शीघ्र इन कर्मचारियों की सेवाओं को दोबारा बहाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड काल में जो कर्मचारी सेवाएं देने के लिए नियुक्त किए गए थे उनका अनुबंध भी 31 मार्च को खत्म होने जा रहा है। ये कर्मचारी कोविड-19 के दौरान सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर फ्रंटलाइन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। कहा कि इन कर्मचारियों को शीघ्र सेवा विस्तार दिया जाना उचित है। साथ ही सरकार से आग्रह किया कि अगर प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति लाने में समय चाहती है तो सरकार से अनुरोध रहेगा कि तब तक किसी भी कर्मचारियों को उसकी सेवा से न हटाया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश मुकेश अग्निहोत्री से आग्रह किया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त न की जाएं।