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Chamba News: बिना पीईटी मेडल जीत लाए विद्यार्थी, पलकों पर बैठाए, खुशी में स्कूल स्टाफ भी नाचा

Wed, 11 Oct 2023 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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ककिरा में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों के स्कूल पहुंचने पर स्कूल में नाचत
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चंबा। राजकीय उच्च पाठशाला सपाहण में शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीईटी) का पद खाली होने के बावजूद विद्यार्थियों ने कमाल कर दिखाया है। बिना पीईटी विद्यार्थियों ने कबड्डी प्रतियोगिता, 200 और 400 मीटर की दौड़ में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता है।
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ककीरा में हुई जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का प्रदर्शन शानदार रहा। उधर, स्कूल पहुंचने पर मेडल लेकर पहुंचे खिलाड़ी छात्रों को पलकों पर बैठा लिया गया।उन्हें सम्मानित किया गया और बेहतरीन खेल प्रदर्शन पर शिक्षकों ने उनकी पीठ थपथपाई। इस जश्न में स्कूल के अन्य शिक्षक भी शामिल हुए और जमकर नाचे।
पदक जीतकर लौटे खिलाड़ी छात्रों को मलाल रहा कि अगर स्कूल में शारीरिक शिक्षक होता तो वे स्वर्ण पदक भी जीत सकते थे। वर्तमान स्कूल में शारीरिक शिक्षक समेत पीईटी, टीजीटी आर्ट्स और भाषा अध्यापक के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसका खामियाजा विद्यालय में शिक्षारत 57 विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। वर्ष 2010 में जबसे स्कूल स्तरोन्नत हुआ है, तब से शारीरिक शिक्षा अध्यापक नहीं है। स्कूल में हड़ला पंचायत के गांव सपाहण, बंजवाड़, गुनु, बनोटू, हड़ला, भरान, तलाई, कन्हार, धुरासप्पड़ से विद्यार्थी पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने रिक्त पदों को भरने की मांग सरकार से उठाई है। शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार स्कूलों में रिक्त पद भर दिए जाएंगे।
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स्कूल में शारीरिक शिक्षा अध्यापक, पीईटी, टीजीटी आर्ट्स और भाषा अध्यापक के पद लंबे समय से रिक्त हैं। कई बार पद भरने की मांग उठाई गई, लेकिन, कुछ नहीं हुआ। शारीरिक शिक्षक न होने से बच्चों की खेल प्रतिभा नहीं निखर पा रही है। सरकार और विभाग रिक्त पदों को जल्द भरें।
- रमेश कुमार, उपप्रधान हड़ला पंचायत

अध्यापकों के पद रिक्त होने से पढ़ाई और खेल गतिविधियों में बच्चे निपुण नहीं हो पा रहे हैं। सरकार रिक्त पद भरती है तो क्षेत्र के स्कूली बच्चों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में तैनात अध्यापकों को ही अन्य विषयों की कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। इससे काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
- बलदेव, वार्ड सदस्य

स्कूलों में बेहतर शिक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ और ही दिखता है। सपाहण स्कूल वर्ष 2010 में स्तरोन्नत हुआ। तब से लेकर वर्तमान समय तक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है। इससे बच्चों की प्रतिभा दबकर रह गई है।
- मान सिंह, ग्रामीण

विद्यार्थी मीलों का सफर तय कर पढ़ाई के लिए सपाहण स्कूल पहुंचते हैं। अध्यापकों के पद रिक्त होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पद भरने के लिए कई बार शिक्षा विभाग को ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर भी भेजे, लेकिन अभी तक पदों को नहीं भरा जा सका है।
- घिंद्र सिंह, ग्रामीण

यह बोले मेडल विजेता छात्र
खिलाड़ी छात्र कर्ण सिंह ने कहा कि स्कूल में तैनात शिक्षकों के उत्साहित करने और मनोबल बढ़ाने के बाद खेलों में भाग लिया। इसके बल पर ही जीत हासिल कर सके। यदि शारीरिक शिक्षा अध्यापक होते तो और भी मेडल आ सकते थे। विवेक कुमार ने कहा कि शारीरिक शिक्षक न होने पर विद्यालय में तैनात शिक्षक प्रदीप कुमार शास्त्री, ड्राइंग टीचर केवल कुमार ने उन्हें कोचिंग दी। इशांत कुमार ने कहा कि वर्ष 2010 में जबसे स्कूल स्तरोन्नत हुआ है, तब से स्कूल में पीईटी नहीं है। कई बार अभिभावकों की ओर से शिक्षा विभाग को अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक पद को नहीं भरा जा सका है। रोहित कुमार ने कहा कि सपाहड़ पंचायत के तहत विद्यालय में दर्जन भर गांवों के विद्यार्थियों के लिए यह ही एकमात्र विद्यालय है। ऐसे में सरकार को विद्यालय में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरना चाहिए।
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