चंबा। किसानों की फसलों को बंदरों से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने सोलर फेसिंग बाड़बंदी की योजना फिर शुरू कर दी है। बजट न मिलने से यह योजना पहले दम तोड़ चुकी थी लेकिन, अब बजट उपलब्ध होने के बाद इसे दोबारा शुरू कर दिया है। इसमें सरकार किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान देगी। इस योजना के तहत जिले के 100 से अधिक किसानों ने आवेदन किया है।अब इसमें शुरुआत में 25 किसानों के खेतों में सोलर फेसिंग लगाने के लिए 78 लाख रुपये खर्च होंगे।
किसानों का दावा है कि कांटेदार बाड़बंदी से बंदरों से उनकी फसलों का बचाव नहीं होता है। क्योंकि कांटेदार बाड़बंदी से बंदर फसल तक पहुंच जाते हैं। जबकि, सोलर फेसिंग से उनकी फसल उजड़ने से बचती हैं। चंबा के अधिकांश किसान खेतीबाड़ी पर निर्भर होते है। ऐसे में लावारिस पशु और बंदर फसलों को चट कर जाते हैं। किसानों का कहना है कि वे आखिर अपनी फसलों को बचाने के लिए क्या करें। लेकिन, सरकार की मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना (सोलर फेंसिंग) काम कर रही है।
यह है फायदा
इस योजना की खासियत यह है कि किसानों की फसलें सुरक्षित रहेगी और सोलर फेंसिंग बिना नुकसान पहुंचाए जानवरों को खेतों से दूर रखती है। 12 वोल्ट का करंट पशु और मानव दोनों के लिए नुकसानदेह नहीं है। इसका झटका लगने से पशु पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा और वह खेत की तरफ नहीं आएगा।
सोलर फेसिंग स्कीम को शुरू कर दिया है। जिसके लिए एक करोड़ एक लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। इसमें 25 किसानों के लिए सोलर फेसिंग लगाने के लिए 78 लाख रुपये खर्च होंगे।
विकास कपूर, कार्यवाहक उपनिदेशक, कृषि विभाग, चंबा