चंबा। बिजली बोर्ड की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने के फरमान से चंबा जनहित संगठन ने नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार इससे आम जनता पर बोझ डालने का काम कर रही है।
जनहित संगठन के प्रधान किशोर शर्मा, उपप्रधान सरदार भगत सिंह, हर्ष धीमान, एलएस कालिया, शिव करण चंद्रा और मुकेश शर्मा ने बताया कि पहले पेयजल के मीटर अपने खर्चे पर लगवाने के फरमान जारी किए गए थे। इसी क्रम में अब अब स्मार्ट बिजली मीटर लगवाने के लिए सरकार के फरमान गले से नीचे नहीं उतर रहे हैं।
पानी के भारी भरकम बिल में वृद्धि कर लोगों से हजारों रुपये इकट्ठा कर लिए गए और अब बिल लेना बंद कर दिया है। सरकार के ये फैसले सरकार के लिए तो अच्छे हैं, लेकिन आम जनता के लिए किसी दुख से कम नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि पहले अगर मीटर खराब हो जाता था तब 900 रुपये में बदला जाता था और अब 10,000 रुपये उपभोक्ताओं से नया मीटर लगवाने के वसूले जाने के फरमान हैं।
जिले में छोटे-बड़े कई बिजली के प्रोजेक्ट है और पानी की कोई कमी नहीं है तो सरकार को पानी के बिल और बिजली के बिल नहीं लेने चाहिए। लोगों की राय लेकर ही कोई भी फरमान जारी करने चाहिए।