चंबा। शहर के धड़ोग मोहल्ले की मनीषा ने साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। कम उम्र में पति का साथ छूट जाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। दो छोटे बच्चों की परवरिश, घर का खर्च और पढ़ाई, सब कुछ अकेले संभालते हुए मनीषा ने अपने जीवन की दिशा बदलने का निर्णय लिया।
उन्होंने ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया और छोटे स्तर से व्यवसाय शुरू किया। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर मनीषा ने न केवल अपने पार्लर को सफल बनाया, बल्कि अपने परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की।
मनीषा अब न सिर्फ अपने बच्चों के लिए प्रेरणा हैं बल्कि कई महिलाओं के लिए सशक्त बनने की जीवंत मिसाल भी हैं। उनका कहना है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, खुद पर विश्वास और मेहनत से हर बाधा पार की जा सकती है।
आज मनीषा आत्मनिर्भर होकर परिवार चला रही हैं और बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही हैं। उनकी एक बेटी और एक बेटा है। मनीषा कहती हैं कि वह अन्य महिलाओं को भी काम सिखाना चाहती हैं, ताकि वे भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।