चंबा में प्रदर्शन करते एसएफआई के कार्यकर्ता।
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चंबा। स्थानीय कॉलेज में एसएफआई ने प्राध्यापकों के रिक्त पदों को न भरने और नई शिक्षा नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। शुक्रवार को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। टैक्सी स्टैंड के पास कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इकाई सचिव खेमराज ने कहा कि कॉलेज में संगीत, लोक प्रशासन और शारीरिक शिक्षा विषयों के प्राध्यापक नहीं हैं। इतना ही नहीं, कई विषयों का महज एक-एक प्राध्यापक ही तैनात है।
प्राध्यापकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो ही है। उन्होंने कहा कि पीटीए फंड के नाम पर विद्यार्थियों को लूटा जा रहा है। प्रथम और द्वितीय वर्ष का परिणाम अभी तक घोषित नहीं किया गया है। प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी में जो अवैध भर्तियां की जा रही हैं, उन पर रोक लगाई जाए। एसएफआई के जिला उपाध्यक्ष प्रेम ने कहा कि जिले का सबसे प्रमुख कॉलेज होने के बावजूद यहां प्राध्यापकों के इतने पद खाली हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य छोटे कॉलेजों की स्थिति क्या होगी?
कहा कि आज ऐसा कोई भी कॉलेज नहीं है, जहां प्राध्यापकों के सभी पद भरे हुए हैं। यह सरकार की सरकारी शिक्षा विरोध नीति को दर्शाता है। बालिका सहसंयोजक राशि ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रबंधन को चेताते हुए कहा कि जल्द मांगों को पूरा न किया गया तो एसएफआई तमाम छात्र समुदाय को इकट्ठा करते हुए व्यापक आंदोलन और हड़ताल तक करने से गुरेज नहीं करेगी।