बैरागढ़ चंबा निजी बस दुर्घटना होने से उपमंडल में दहशत कम हो
23 किलोमीटर तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर पैरापिट तक नहीं, हादसे के बाद जागा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर शनिवार को हुए बस हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हादसे में सात लोगों की मौत और 11 के घायल होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा लोक निर्माण विभाग पर फूट पड़ा है।
अमर चंद, राजीव कुमार, सुरेंद्र सिंह, दलीप कुमार, कन्हैया राम, प्रकाश चंद और अशोक कुमार ने कहा कि करीब 23 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कई ऐसे संवेदनशील स्थान हैं जहां सड़क के किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। कई जगह न पैरापिट हैं और न ही क्रैश बैरियर। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर मामूली चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। संवेदनशील मोड़ों और सड़क के किनारे क्रैश बैरियर होते तो हादसे के दौरान बस को खाई में जाने से रोकने में मदद मिल सकती थी। हादसे के बाद अब हर किसी की जुबां पर यही सवाल है कि सुरक्षा इंतजामों के लिए विभाग ने पहले कदम क्यों नहीं उठाए। ग्रामीण ने मांग की कि भविष्य में ऐसी अनहोनी न हो, इसके लिए पूरे तीसा-बैरागढ़ मार्ग का सुरक्षा ऑडिट करवाकर संवेदनशील स्थानों पर स्टील के क्रैश बैरियर लगाए जाएं। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मान सिंह ने बताया कि जिला में ब्लैक स्पॉट और बिना पैरापिट वाली जगह का निरीक्षण कर पैरापिट और क्रैश बैरियर लगाने संबंधी प्रस्ताव बना उच्चाधिकारियों को भेजे जाएंगे। संवाद