दुनेरा से बनीखेत तक एनएच खस्ताहाल, क्रैश बैरियर हवा में लटके, मलबे के भी लगे ढेर
गत बरसात में दुनेरा से बनीखेत नेशनल हाईवे पर मिले जख्मों पर नहीं लग पाया मरहम
आगामी बरसात का मौसम आने को तैयार, प्राधिकरण एस्टीमेट बनाने तक ही सीमित
फाइलों में तैयारियां पूरी हैं लेकिन जमीन पर खतरा अब भी खड़ा है। मानसून आने से पहले सुरक्षा के दावे किए जा रहे हैं जबकि पिछले साल की तबाही के निशान आज भी नेशनल हाईवे पर साफ दिखाई दे रहे हैं। हवा में लटके क्रैश बैरियर, सड़क के किनारे जमा मलबा और टूटे सुरक्षा ढांचे बता रहे हैं कि बारिश गई जरूर लेकिन उसके जख्म अभी भरे नहीं हैं। सवाल यही है, क्या इस बार भी मानसून से पहले सिर्फ बैठकें ही होंगी या सड़कें भी सुरक्षित बनेंगी।
नितिन पाल
बनीखेत (चंबा)। बरसात की तैयारियों को लेकर प्रशासन बैठकें कर रहा है, दूसरी ओर वर्ष 2025 की आपदा में मिले जख्मों पर अभी तक मरहम नहीं लग पाया है। दुनेरा से बनीखेत तक नेशनल हाईवे जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुआ है। इतना समय बीतने के बाद भी हाईवे की हालत खस्ता है। बरसात की भेंट चढ़े क्रैश बैरियर हवा में लटक गए हैं। सड़क से हटाया मलबा भी हाईवे के किनारे ही पड़ा है। जगह-जगह डंगे गिरे हैं। इनकी सुध नेशनल हाईवे प्राधिकरण नहीं ले पाया है।
दुनेरा से बनीखेत तक की दूरी करीब तीस किलोमीटर है। यह सफर बरसात के बाद बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। दुनेरा के समीप सड़क पर डंगे धंसे हैं। नैणीखड्ड, तुन्नुहट्टी के समीप भी सड़क की हालत खराब है। अमित कुमार, रोशन लाल, सुनील कुमार और राजेंद्र सिंह ने कहा कि यह मार्ग जिले का महत्वपूर्ण मार्ग है। इससे रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। इस पर सुरक्षा प्रबंध नदारद हैं। बरसात के जख्मों पर मरहम लगाना नेशनल हाईवे प्राधिकरण भूल गया है। एस्टीमेट बनाने तक ही सीमित रह गया है। धरातल पर हालात आपदा के बाद जैसे थे, वैसे ही दिख रहे हैं। अब फिर से बरसात आने वाली है।
उधर, नेशनल हाईवे प्राधिकरण के कार्यवाहक सहायक अभियंता वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि आपदा के बाद मार्ग के सुधारीकरण के लिए एस्टीमेट भेजा है मगर बजट के अभाव के चलते कार्य शुरू नहीं हुआ। उम्मीद है कि जल्द ही सरकार राशि जारी करेगी।