राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गागला में वार्षिक परीक्षा परिणाम में नौंवी कक्षा के सभी बच्चे फेल हो गए हैं।
इससे अध्यापकों की काबलियत पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। सोमवार को पंचायत प्रधान की अध्यक्षता में बच्चों के अभिभावकों का एक प्रतितिनिधिमंडल उपायुक्त सुदेश मोख्टा से मिला। जिसमें अभिभावकों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक शिकायत पत्र भेजा है।
इसमें स्कूल के अध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। पंचायत प्रधान नरेश कुमार, एसएमसी अध्यक्ष चमन प्रकाश व अभिभावकों में गुलाम नवी, विकास कुमार, कल्याण सिंह, बालकृष्ण, देश राज, पवन कुमार, रिंकू, दुनी चंद व लालू ने बताया कि हाल ही में गागला स्कूल में नवमी कक्षा का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है। जिसमें नवमी कक्षा में पढ़ने वाले 44 छात्रों में से एक भी छात्र पास नहीं हो पाया है। जिसे लेकर जब अभिभावक अध्यापकों से मिलने गए तो अध्यापकों ने अभिभावकों को ही खरी खोटी सुना डाली।
अध्यापकों का कहना था कि आपके बच्चे स्कूल में पढ़ते नहीं हैं, जिसकी वजह से वे फेल हुए हैं। साथ ही ऐसे बच्चों को स्कूल में दोबारा दाखिला नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम बनाने वाले अध्यापकों के खिलाफ पूरी जांच पड़ताल की जाए। साथ ही बच्चों के पेपर की भी जांच की जाए। उसमें दोषी पाए जाने वाले अध्यापकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि गागला स्कूल में अध्यापकों की मनमानी का सिलसिला काफी समय से चल रहा है। लेकिन इस बार अध्यापकों ने अपनी मनमानी की हद पार कर दी है। जिसे अभिभावक स्वीकार नही करेंगे।
मामले की जांच के निर्देश : उपायुक्त
उधर, उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। इसकी जांच पड़ताल करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए हैं।