चंबा में प्रतिबंधित दवाइयों की खेप के साथ पकड़ा गया आरोपी पुलिस पूछताछ में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है। पुलिस भी चौबीस घंटों के पूछताछ के दौरान आरोपी के मुंह से कुछ नहीं उगलवा पाई है।
नतीजतन आरोपी दवाइयों की यह खेप कहां से लाया था और आगे किसे सौंपने वाला था। इस बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। आरोपी के पास जो प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी गई हैं। उसकी कुल कीमत लगभग पचास हजार रुपये बताई जा रही है। लेकिन कालाबाजारी में इसकी कीमत लाखों रुपयों की है। क्योंकि इन प्रतिबंधित उच्च कोटी की दर्द निवारण दवाओं को नशे के आदी लोगों को चार से पांच गुणा अधिक कीमत पर बेचा जाता है।
उधर इस मामले को लेकर पुलिस भी एहतियात के तौर अधिक खुलासा करने से मुंह फेर रही है। लेकिन मामला सामने आने के दूसरे दिन वीरवार को पुलिस ने आरोपी को साथ लेकर उसके किराये के आवास पर छापेमारी भी की। लेकिन वहां से पुलिस को कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है। इस मामले की जांच कर रहे चंबा पुलिस थाना के एएसएचओ शकीनी कपूर ने बताया कि आरोपी को न्यायालय से पांच दिन का रिमांड मिला है। लिहाजा पुलिस रिमांड में आरोपी से सच उगलवाने की पूरी कोशिश की जाएगी। आरोपी के हावभाव देखकर ऐसा लग रहा है कि यह काफी समय से इस गोरखधंधे से जुड़ा हुआ है।
डीएसपी चंबाबीर बहादुर ने बताया कि आरोपी के मामले को सुलझाने के लिए पुलिस पूरी तरह से सजग है। आरोपी एटा जिले का रहने वाला है। इसी संदर्भ में एटा अहमदाबाद पुलिस से भी आरोपी के बारे में जानकारी मांगी गई है ताकि चंबा पुलिस को आरोपी के अतीत के बारे में पता लग सके।