तीसा (चंबा)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में समुद्र तल से 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास दर्रे को यातायात के लिए बहाल करने का कार्य लोक निर्माण विभाग मंडल पांगी और तीसा की ओर से युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। विभागीय कर्मचारियों की टीमें और मशीनरी मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने के लिए जुटी हुई हैं। आम तौर पर जून तक खुलने वाले चंबा-पांगी वाया साच दर्रा मार्ग को बहाल करने के लिए विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं, बीते वर्ष 26 अप्रैल को विभाग की ओर से साच पास दर्रे को यातायात के लिए बहाल करवाया गया था लेकिन इस बार अत्यधिक बर्फबारी के कारण अभी मार्ग को बहाल करने में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बहरहाल, विभाग की ओर से 25 मई तक मौसम साफ रहने पर साच दर्रा यातायात के लिए बहाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बुधवार को चुराह के बैरागढ़ से रानीकोट तक लोक निर्माण विभाग ने बुलडोजर और एलएनटी मशीनों के जरिये सात किलोमीटर का मार्ग यातायात के लिए बहाल करवा दिया है। विभाग की ओर से चुराह की तरफ से 12 कर्मचारियों को मार्ग बहाली का जिम्मा सौंपा गया है तो वहीं, किलाड़ से साच पास दर्रे की ओर 10 अप्रैल से मार्ग बहाली का कार्य आरंभ किया गया है। किलाड़ से 14 किलोमीटर गार्ड क्वार्टर तक मार्ग को बहाल करवा दिया गया है। विभाग की ओर से दो डोजर और एक एलएनटी मशीन समेत 22 कर्मी मार्ग बहाली के कार्य में जुटे हुए हैंं।
गौरतलब है कि कि हर वर्ष सर्दियों में भारी हिमपात के कारण छह माह के लिए चंबा-पांगी वाया साच-पास मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो जाता है। चंबा से वाया साच पास किलाड़ की करीब 175 किलोमीटर दूरी है। इसके तहत चुराह के बैरागढ़-साच-पास-किलाड़ मार्ग से 60 किलोमीटर तक बर्फ हटाई जाती है। शेष मार्ग पर किलाड़ की ओर से बर्फ हटाई जाएगी।
बैरागढ़-साच-पास- किलाड़ मार्ग पर करीब 16 छोटे और बड़े हिमखंड गिरे हैं। मार्ग पर सबसे बड़ा हिमखंड कालाबन में गिरा है। इसकी ऊंचाई करीबन 70 फीट के करीब बताई जा रही है। इसके अलावा सतरूंडी के समीप (कार्थनाला) में 10 हिमखंड गिरे होने की संभावना है। इसके अलावा साच पास के आसपास अन्य पांच हिमखंड गिरे होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
मार्ग बहाली में जुटे कर्मचारियों का भी ध्यान रखने के लिए एक बोलेरो वाहन साथ रहता है। इसमें मेडिकल सहूलियत के लिए दवाइयां, खाद्य सामग्री और बिस्तर शामिल रहता है जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना के समय उन्हें उचित सहूलियत प्रदान करवाई जा सके। पांगी घाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले साच पास के खुलते ही दिनों का सफर घंटों में तय हो पाएगा। वाया साचपास पागी मुख्यालय किलाड़ की दूरी करीब 172 किलोमीटर है जबकि वाया मनाली यही दूरी करीब 650 किलोमीटर और वाया जम्मू करीब सात सौ किलोमीटर है। मार्ग बहाल होने पर पांगी घाटी के लोगों को वाया साचपास होते हुए जिला मुख्यालय चंबा पहुंचने की सुविधा मिलती है।
लोक निर्माण विभाग पांगी मंडल के सहायक अभियंता मोहिंद्र कुमार ने बताया कि मौसम साफ रहने पर 25 मई तक साच दर्रा बहाल करने का लक्ष्य है।