पांगी घाटी के लोगों की खाने की थाली में तड़के की कमी नहीं रहे। इसलिए सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लगभग एक लाख पांच हजार लीटर वनस्पति तेल (रिफाइंड) आगामी सर्दियों के कोटे के रूप में भेज रहा है। जिसका 70 प्रतिशत कोटा निगम के पांगी स्थित गोदामों में पहुंच भी गया है।
इसके अलावा जौ, दालें, चावल और्र इंधन का कोटा अलग से मंडी और चंबा से पांगी के लिए भेजा गया है। ताकि छह माह तक चलने वाले सर्दियों के दौर में पांगी घाटी के लोगों को चूल्हे पर रसोई चढ़ी रहे। भौगोलिक दृष्टि की बात करें तो यह प्रक्रिया अपनाना बेहद जरूरी है। क्योंकि सितंबर माह के बाद जहां पांगी घाटी तक पहुंचने वाले लगभग सभी सड़क मार्गों पर बर्फ जमना शुरू हो जाएगा तो वहीं दिसंबर माह आते आते हवाई परिवहन सेवा भी मौसम के सहारे टिक जाएगी।
ऐसे में घाटी के लोग तो सभी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने जुट गए हैं। वहीं पांगी प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को शीघ्र राशन और्र इंधन के कोटे को पांगी पहुंचाने के निर्देश दे रखे हैं। वहीं प्रशासन ने यह भी निर्देश जारी कर रखे हैं कि राशन और्र इंधन का कोटा तय मात्रा से अधिक या कम नहीं हो। चूंकि पांगी में सर्दियों का मौसम कुछ ज्यादा ही लंबा चलता है। ऐसे पांगी प्रशासन भी प्रबंधन के लिहाज से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है।