चंबा। जिले में विलुप्त प्रजाति के बर्फानी तेंदुुए, भूरा भालू और कस्तूरी मृग के अस्तित्व का पता लगाने के लिए वन्य प्राणी विभाग ने कदमताल शुरू कर दी है। इसके लिए जिले के छह वन्य अभ्यारण्य क्षेत्रों में 50 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिये चंबा के जंगलों में इन वन्य जीवों का पता लगाया जाएगा। पिछले वर्ष जनजातीय क्षेत्र पांगी में विलुप्त प्रजाति के पांच बर्फानी तेंदुए ट्रैप कैमरों में कैद हुए थे। इसके अलावा कुगति में भूरा भालू और कस्तूरी मृग होने के भी प्रमाण मिले थे। इन वन्य जीवों का मौजूदा समय में चंबा में क्या अस्तित्व है, इसका पता लगाने के लिए विभाग जुट गया है।
कुगति, तुंदाह, खज्जियार, गैमगुल, सियाबेई और सेचू में पचास ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को विभाग अप्रैल माह में खंगालेगा। कैमरों की फुटेज के जरिये विलुप्त प्रजाति के वन्य जीवों का पता लगाया जाएगा। चंबा में इस प्रजाति के वन्य जीव फल-फूल रहे हैं या किसी दूसरे वन्य प्राणी क्षेत्र में जा चुके हैं, इसको लेकर भी खोजबीन की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष जब चंबा के जंगलों में इन वन्य जीवों के होने के के प्रमाण मिले थे तो उसके बाद विभाग ने जानवरों की सुरक्षा बढ़ा दी। वन रक्षकों को जंगलों की सुरक्षा के लिए नियमित पेट्रोलिंग के आदेश दिए गए, जिससे कोई भी शिकारी जंगलों में वन्य प्राणियों का शिकार न कर सके। वन्य प्राणी विभाग के मंडलाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि विलुप्त प्रजाति के जीवों के अस्तित्व पता करने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की फुटेज को अप्रैल माह में खंगाला जाएगा। चंबा में बर्फानी तेंदुआ, भूरा भालू और कस्तूरी मृग के पिछले वर्ष प्रमाण मिले थे।