चंबा। घूम-जंजला मार्ग पर बीते रविवार सायंकालीन 5:30 बजे हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के न चलने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। देर रात तक बस का इंतजार करने के बाद आखिरकार सवारियों को जैसे-तैसे जुगाड़ लगाकर या निजी टैक्सी चालकों को अधिक दाम देकर ही अपने घरों तक पहुंचना पड़ा। जिसे लेकर ग्रामीणों में एचआरटीसी प्रबंधन के प्रति काफी रोष है। ग्रामीणों ने बताया कि बस को निर्धारित रूट पर न भेजने का खामियाजा लोगों को ही उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण अश्वनी कुमार, प्रभात कुमार, देसराज, अनिल ठाकुर, पवन शर्मा, नरेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, मंजीत कुमार, योगराज, टेक चंद और शक्ति प्रसाद ने बताया कि रविवार को न्यू बस स्टैंड, भरमौर चौक, हरदासपुरा चौक और सुराड़ा मोहल्ला में सायंकालीन निगम की बस का इंतजार करती रही, लेकिन देर रात तक बस अपने निर्धारित रूट पर नहीं चली।
इससे पहले निगम द्वारा रविवार को भी इस रूट पर बस को भेजा जाता है, लेकिन बीते रविवार को निगम द्वारा बस को नहीं भेजा गया। इससे सवारियां काफी गुस्से में दिखी। उन्होंने कहा कि बिना किसी सूचना के इस रूट पर बस को न भेजना समझ से परे है। बस के निर्धारित रूट पर न चलने से सवारियां अतिरिक्त पैसे खर्च कर निजी वाहन के जरिए अपने घरों तक पहुंची। बस किराये के रूप में जहां 15 से 20 रुपये चुकता करने पड़ते है तो वहीं, दिहाड़ीदार लोगों को रविवार को 300 रुपये से लेकर 500 रुपये चुकता कर घरों तक पहुंचना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से अधिकांश लोग मेहनत-मजदूरी करने के लिए शहर में पहुंचते हैं। जिनके लिए निगम की बस सेवा काफी लाभप्रद है।
बावजूद इसके अकारण से रूट पर बस न भेजना समझ से परे हैं। ग्रामीणों ने एचआरटीसी चंबा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक से निर्धारित रूट पर बस को न भेजने के पीछे रहे कारणों का पता लगाकर संबंधित कर्मी पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने की मांग उठाई है। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। मामले की जांच करवाई जाएगी।