क्षेत्रीय अस्पताल के शिशु वार्ड में एक दंपति अपनी उपचाराधीन नवजात बच्ची को राम भरोसे छोड़ लापता हो गया। जिसके बाद दो दिनों तक बच्ची की देखभाल वार्ड में तैनात नर्सों ने की। दो दिन के उपरांत बच्ची के घरवालों की वापसी न होने पर इसकी सूचना नर्सों ने अस्पताल प्रबंधन को दी।
अस्पताल प्रबंधन ने इस बारे में पुलिस को अवगत करवा दिया। जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल को चंबा अस्पताल में सिल्लाघ्राट की महिला ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। प्रसव के बाद 18 अप्रैल को एक बच्ची व उसकी माता को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जबकि दूसरी बच्ची की तबीयत ठीक न होने के कारण उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। लेकिन 18 अप्रैल के बाद उपचाराधीन दूसरी बच्ची के पास उसका कोई भी रिश्तेदार नहीं पहुंचा। जिसके कारण बच्ची की देखभाल व दूध पिलाने वाला कोई भी वहां पर मौजूद नहीं था। नवजात बच्ची के लिए दूध का इंतजाम वार्ड में तैनात नर्सों ने किया। बुधवार को नवजात बच्ची के घरवालों के बारे में नर्सों ने पूछताछ की।
इस बारे में पुलिस को भी सूचना दे दी गई। जब पुलिस पड़ताल करने पहुंची तो बच्ची का पिता भी अस्पताल पहुंच गया। जिसने अपनी गलती के लिए पुलिस व अस्पताल प्रबंधन से माफी मांगी। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि शिशु वार्ड में एक दंपति अपनी चार दिन की बच्ची को छोड़कर चला गया। उसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया लेकिन पुलिस कार्रवाई से पहले दंपति अपनी बच्ची को लेने वापस लौट आया।