चंबा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिला में पांचों उपमंडलों में पर्यटन से जुड़ी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। प्रदेश पर्यटन विभाग निदेशक मंडल सदस्य डॉ. एसपी कतियाल ने बताया कि खजियार में टूरिज्म विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान खजियार में पैराग्लाइडिंग के लिए साइट का चयन किया। जिसमें लाहड़ा से खजियार और दगेतो से लाहड़ा के बीच में पैराग्लाइडिंग करने का स्थान निर्धारित किया गया। जिसकी अप्रूवल के लिए सरकार को प्रपोजल भेज दिया गया है। सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद इन स्थानों पर पैराग्लाइडिंग शुरू करवाई जाएगी। जिससे खजियार में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा काकेला से मंगला और जोत से चुवाड़ी के बीच में भी पैराग्लाइडिंग शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चंबा में वाटर स्पोर्ट्स को लेकर कियाणी में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके अलावा एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हरेक जिला के टूरिज्म अधिकारी अपने क्षेत्र का औचक निरीक्षण करेंगे।
इस दौरान जहां पर एडवेंचर स्पोर्ट्स की एक्टीविटी की संभावनाएं होंगी उसकी रिपोर्ट तैयार करके प्रदेश सरकार को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा 125 करोड़ की डीपीआर बनाकर अप्रूवल के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई है। लेकिन अभी तक उसके ऊपर केंद्र सरकार द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। जिससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में धन की कमी सामने आ रही है। जिला पर्यटन अधिकारी रम्या चौहान ने बताया कि चंबा जिला में बारह महीनों तक पर्यटन की संभावनाएं हैं। स्थानीय लोगों की सहभागिता से चंबा में पर्यटन को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरोल तालाब की जगह अगर पर्यटन विभाग को मिल जाती है, तो वहां पर एक सुंदर पार्क का निर्माण करवाया जाएगा। जिसमें शहर व अन्य क्षेत्र के लोग घूम सकेंगे।