जिला प्रशासन की ओर से अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में ठेकेदारों को लेकर जारी की गाइडलाइन
बेहतर कलाकारों को लेकर ठेकेदारों में रहेगा कंपीटीशन, बेहतर होगी सांस्कृतिक संध्याएं
इवेंट ऑर्गनाइजरों से परफॉर्म से पहले दी राशि सिक्योरिटी के तौर पर रखी जाएगी
पंकज सलारिया
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में इस वर्ष सांस्कृतिक संध्याओं को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और आकर्षक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने इवेंट ऑर्गेनाइजरों एवं ठेकेदारों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल वही इवेंट ऑर्गेनाइजर कलाकारों की प्रस्तुति के लिए आवेदन कर सकेंगे जिनका पिछले तीन वर्षों में न्यूनतम 50 लाख रुपये का टर्नओवर रहा हो। प्रशासन का मानना है कि इससे अनुभवी और वित्तीय रूप से सक्षम एजेंसियों को ही मौका मिलेगा जिससे आयोजन का स्तर और बेहतर होगा। नई गाइडलाइन के अनुसार इवेंट ऑर्गनाइजरों को अपने आवेदन के साथ पिछले तीन वर्षों के टर्नओवर से संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने होंगे। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से पहले निर्धारित राशि सिक्योरिटी के रूप में जमा करवानी होगी। यह राशि आयोजन की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुबंध उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक सुरक्षा के तौर पर रखी जाएगी। मिंजर मेला सांस्कृतिक समिति के मुताबिक इस प्रक्रिया से अनुभवी आयोजकों के बीच बेहतर कलाकारों को आमंत्रित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में दिखाई देगा जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुतियां दर्शकों को देखने को मिल सकती हैं। प्रतियोगिता बढ़ने से कार्यक्रमों की गुणवत्ता, तकनीकी व्यवस्थाएं और मंच संचालन भी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और सभी पात्र एजेंसियों को निर्धारित मानकों के आधार पर अवसर दिया जाएगा।
एडीसी चंबा अमित मेहरा ने कहा कि नई गाइडलाइन का उद्देश्य आयोजन की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ जिम्मेदार और अनुभवी इवेंट एजेंसियों को प्रोत्साहित करना है जिससे मेले में आने वाले हजारों दर्शकों को उच्च स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने का अवसर मिल सके।