एचआरटीसी बसों में ऑनलाइन टिकट बुक करने के बाद कैंसल करने का विकल्प नहीं
दुर्घटना के कारण यात्रा टली, बस जाने से ढाई घंटे पहले भी कैंसिल नहीं हो पाया टिकट
अधिकारियों का तर्क- ऑनलाइन टिकट के कैंसलेशन या रिफंड का कोई प्रावधान नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। परिवहन निगम की बसों में ऑनलाइन टिकट बुक करवाने वाले यात्रियों को किसी आकस्मिक परिस्थिति में यात्रा रद्द करने पर न तो टिकट कैंसिल करने की सुविधा है और न ही किराया वापस करने का कोई प्रावधान। बिना सफर किए यात्रियों की टिकट की राशि डूब रही है।
शनिवार को चंबा-शिमला रूट पर शाम 5:15 बजे चलने वाली एचआरटीसी की बस में ऐसा मामला सामने आया। सोलन तक ऑनलाइन टिकट बुक करवाई गई थी। यात्रा से पहले पारुल जसरोटिया स्कूटी से गिरने से घायल हो गईं। उन्हें सफर स्थगित करना पड़ा। दोपहर करीब 2:30 बजे बस रवाना होने से लगभग ढाई घंटे पहले टिकट रद्द करने का प्रयास किया लेकिन ऑनलाइन सिस्टम में टिकट कैंसिल करने का कोई विकल्प नहीं मिला। चंबा डिपो के अधीक्षक, बुकिंग क्लर्क और अड्डा प्रभारी सरदार मोहम्मद से फोन पर संपर्क किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एचआरटीसी में ऑनलाइन टिकट को रद्द करने, किराया वापस करने अथवा टिकट किसी अन्य यात्री को जारी करने का कोई प्रावधान नहीं है। ऑनलाइन टिकट यात्री की पहचान से जुड़ा होता है, इसलिए उसे दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर भी नहीं किया जा सकता।
यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना, बीमारी या किसी अन्य आपात स्थिति के कारण यात्रा नहीं कर पाता तो कम से कम निर्धारित कटौती के बाद शेष राशि लौटाने का विकल्प होना चाहिए। उनका तर्क है कि बस रवाना होने से कई घंटे पहले सीट खाली होने की सूचना मिलने पर निगम उस सीट को किसी अन्य यात्री को आवंटित कर सकता है। मौजूदा व्यवस्था में न यात्री को राहत मिलती है और न ही सीट का उपयोग हो पाता है। उनका कहना है कि रेलवे, एयरलाइंस और कई अन्य राज्य परिवहन निगमों की तरह एचआरटीसी में भी ऑनलाइन टिकट कैंसिलेशन, आंशिक रिफंड नीति लागू की जानी चाहिए।
अड्डा प्रभारी सरदार मोहम्मद ने कहा कि ऑनलाइन टिकट कैंसल करने का कोई प्रावधान नहीं है इसके लिए ऑनलाइन ही शिकायत करनी पड़ती है। निगम के पास इसकी कोई सुविधा नहीं है। सिर्फ ऑफलाइन है।