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जिले के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान में ही शिक्षक नहीं

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चंबा। जिले का सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थान प्राध्यापकों की कमी से जूझ रहा है। सरकार की ओर से चंबा कॉलेज में प्राचार्य सहित 47 पद स्वीकृत किए गए हैं लेकिन, इनमें से अभी भी 18 पद खाली हैं। एक तरफ जहां जिले के अन्य कॉलेजों में प्राध्यापकों की कमी चल रही है तो वहीं, दूसरी ओर चंबा कॉलेज भी अछूता नहीं है। जिले के अन्य कॉलेजों के मुकाबले यहां विद्यार्थियों की संख्या भी काफी ज्यादा है लेकिन, सरकार को विद्यार्थियों का भविष्य नहीं दिख रहा है।
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प्राध्यापकों की कमी के चलते जहां पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं शेष प्राध्यापकों पर भी काम का बोझ बढ़ गया है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन की ओर से इसके बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन, अभी तक प्राध्यापकों के रिक्त पद नहीं भरे गए हैं। कॉलेज में कार्यरत संगठन भी इस मांग को मंत्री और विधायकों तक पहुंचा चुके हैं लेकिन, अभी तक कहीं से भी सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि चंबा कॉलेज में 4569 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 2223 छात्र और 2346 छात्राएं शामिल हैं। पंकेश कुुमार, मनीष कुमार, राकेश कुुमार, पूजा कुमारी, सुलेखा कुमारी, रितिका आदि का कहना है कि प्राध्यापकों की कमी से पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द प्राध्यापकों की कमी को पूरा किया जाए।
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वर्तमान में महाविद्यालय में लोक प्रशासन, शारीरिक शिक्षा, संस्कृत, संगीत (वाद्य), संगीत (गायन) का एक-एक पद, राजनीतिक शास्त्र, भू विज्ञान हिंदी के दो पद, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, इतिहास और टूर एंड ट्रेवल्स विषय का एक-एक पद खाली है। इसके अलावा अंग्रेजी के तीन पद रिक्त हैं।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. शिवदयाल शर्मा का का कहना है कि रिक्त पदों के बारे में निदेशालय को अवगत करवा दिया गया है।
सदर विधायक पवन नैयर का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने इसके बारे में अवगत करवाया है। यह मामला सरकार के समक्ष उठाया जाएगा और रिक्त पदों पर प्राध्यापकों की नियुक्ति जल्द करवाई जाएगी।
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