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अल्ट्रासाउंड के लिए मिल रही अगले माह की तारीख

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मेडिकल कॉलेज चंबा में उल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लाइन में खड़ीं महिलाएं। - फोटो : Chamba
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चंबा। दिन वीरवार और जगह चंबा मेडिकल कॉलेज। समय सुबह दस बज रहे हैं। अल्ट्रासाउंड पंजीकरण केंद्र के बाहर महिलाएं और पुरुष अपनी बारी के इंतजार में कतारों में खड़े हैं। दोपहर 12 बजे तक कई मरीजों का अल्ट्रासाउंड के लिए पंजीकरण नहीं हुआ है। उधर, अल्ट्रासाउंड रूम में केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर रहा है।
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आलम यह है कि सुबह से लेकर शाम तक अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार कर रहे कई लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है। कई मरीजों को पंजीकरण केंद्र में अल्ट्रासाउंड के लिए करीब दो सप्ताह बाद की तारीख दी जा रही है। गौरतलब है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में रोजाना साठ से सत्तर मरीजों के अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। जबकि, इतनी ही संख्या में मरीज निजी प्रयोगशाला में भी अल्ट्रासाउंड करवा रहे हैं। इसका पता तब चला जब लोगों को एक निजी प्रयोगशाला के बाहर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लाइनों में खड़ा देखा गया।
प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में जहां चार से पांच रेडियोलॉजिस्ट मरीजों के अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। ऐसे में चंबा मेडिकल कॉलेज में दो रेडियोलॉजिस्ट ही मरीजों के अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। मौजूदा समय में एक ही रेडियोलॉजिस्ट है, जबकि दूसरा छुट्टी पर है। एक रेडियोलॉजिस्ट के लिए अल्ट्रासाउंड करना किसी चुनौती से कम नहीं है। हैरानी इस बात है कि सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की तैनाती को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मोहन सिंह ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज में आने वाली महिलाओं के अल्ट्रासाउंड मुफ्त किए जा रहे हैं। दिन में अल्ट्रासाउंड ज्यादा होने पर उन्हें अगले दिन का समय दिया जाता है। कॉलेज में दो रेडियोलॉजिस्ट हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर होने से समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से रेडियोलॉजिस्ट के पद बढ़ाने की मांग की गई है।
मार्च की दी तारीख : परस राम
परस राम निवासी कोहलड़ी ने बताया कि उन्हें पथरी की शिकायत है। इसके लिए डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने को कहा है। लेकिन, मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें मार्च माह की तारीख दी गई है।
निजी लैब में करवाना पड़ा अल्ट्रासाउंड
उर्मिला निवासी परेल ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड न होने की वजह से अपनी बीमारी का इलाज नहीं करवा पा रही हैं। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करवाने को कहा है। उन्हें पेट दर्द की शिकायत रहती है। सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए अगले माह की तारीख मिलने से उन्हें निजी प्रयोगशाला में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ेगा।
अगले महीने की मिली तारीख
आत्मा राम निवासी लिल्ह ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 25 किमी दूर से चंबा पहुंचे थे लेकिन, उन्हें अगले माह की तारीख दी गई है। एक रेडियोलॉजिस्ट सभी मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता है। इसलिए सरकार को रेडियोलॉजिस्ट के पदों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
लंबा इंतजार करना पड़ेगा : तसलीमा
तसलीमा निवासी किहार ने बताया कि वह गर्भवती हैं। वह साठ किमी दूर से अल्ट्रासाउंड करवाने चंबा पहुंचीं थीं लेकिन अगले माह की तारीख मिलने से उन्हें परेशान होना पड़ा। अब उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा या निजी प्रयोगशाला में पैसे खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ेगा।
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