लिल्पकोठी कॉलेज में बैंचों पर बैठ कर खुद पढ़ाई करते विद्यार्थी।
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चंबा। लिल्हकोठी मॉडल कॉलेज अब कार्यालय में तैनात बाबुओं और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हवाले रह गया है। कॉलेज में तैनात एकमात्र प्राध्यापक का भी बुधवार को तबादला हो गया। बहरहाल, कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी अब खुद ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सरकार ने इस कॉलेज को मॉडल का दर्जा दिया है लेकिन, हकीकत यह है कि इस मॉडल कॉलेज में अब कोई भी प्राध्यापक नहीं है।
कॉलेज में दो जूनियर ऑफिस असिस्टेंट, तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कम चौकीदार शेष रह गए हैं। कॉलेज में बिना प्राध्यापकों के बच्चों को पढ़ाई प्रभावित होती देखकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि भी प्रशासन के द्वार पहुंचने लगे हैं। जिला परिषद सदस्य ललित ठाकुर और मनोज कुमार ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों सहित प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर कॉलेज में रिक्त प्राध्यापकों के पदों को न भरा गया तो वे उपायुक्त कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठ जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की ही होगी। वहीं, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकार को चेताया है कि शीघ्र प्राध्यापकों के पद न भरने पर मुख्यालय और उप मुख्यालय स्तर पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए जाएंगे।
कॉलेज में 150 विद्यार्थी, प्राध्यापक एक भी नहीं
कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। 150 विद्यार्थी कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने के लिए रोजाना पहुंच रहे हैं लेकिन विद्यालय के लिए स्वीकृत नौ प्राध्यापकों के पद खाली हैं। इसके अलावा लाइब्रेरियन, अधीक्षक सहित सीनियर असिस्टेंट का पद भी खाली है।
नेताओं को भी बताया, नहीं हुआ समाधान
कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि इसके बारे में स्थानीय विधायक सहित सरकार को भी कई बार ज्ञापन भेजे जा चुके हैं लेकिन आज दिन तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। विद्यार्थियों ने दो टूक चेताया है कि अगर जल्द प्राध्यापकों की तैनाती नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल करेंगे।