सलूणी (चंबा)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलूणी में स्कूल प्रबंधन समिति की अहम बैठक अध्यक्ष देसराज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें फैसला लिया गया कि अब किसी भी विद्यार्थी को अभिभावक से बातचीत किए बिना स्कूल से छुट्टी नहीं दी जाएगी। संबंधित अध्यापक या स्कूल प्रशासन द्वारा अभिभावक को फोन कर अनुमति लेने के बाद ही विद्यार्थी को घर भेजा जाएगा।
इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि बिना अध्यापक की अनुमति के कोई भी छात्र स्कूल परिसर से बाहर नहीं जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छात्रों द्वारा स्कूल में मोबाइल फोन लाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बैठक में प्रधानाचार्य प्रवीन कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए एसएमसी ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल फोन देकर स्कूल न भेजें।
हालांकि पढ़ाई से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए अभिभावकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें बच्चों के टेस्ट, परिणाम और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि विद्यालय स्तर पर नशे के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत बच्चों की नियमित निगरानी की जाएगी और अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा।
एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों ने विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर गंभीर चिंता जताई। सदस्यों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से विज्ञान कक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। एसएमसी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 10 दिन के भीतर रिक्त पद नहीं भरे गए तो अभिभावक धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी। बैठक में मदन लाल, दिनेश कुमार, सतीश कुमार, सिलमो देवी, समोज कुमार, रीना देवी, तुला राम, संजय कुमार और दौलत राम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।