चुवाड़ी (चंबा)। सिविल अस्पताल चुवाड़ी में महिला और शिशु रोग विशेषज्ञ के पद आज तक नहीं भरे गए हैं। इससे हजारों मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विधानसभा क्षेत्र भटियात के तहत 70 पंचायतों की सवा दो लाख की आबादी चुवाड़ी अस्पताल पर ही निर्भर है। नतीजतन, महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठाने के लिए मजबूरन 60 से 130 किमी का सफर तय कर टांडा, पठानकोट या जसूर का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में भटियात विस क्षेत्र के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं।
जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञों पद खाली पड़े हुए हैं। नतीजतन, बीमारी की हालत में लोगों को बाहरी जिलों और राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल चुवाड़ी में महिला और शिशु रोग विशेषज्ञ के पद खाली होने से गर्भावस्था और बीमारी की हालत में महिलाओं को निजी अस्पतालों में भारी भरकम खर्चा कर इलाज करवाना पड़ रहा है।
इलाज से पहले दम तोड़ देते हैं मरीज : राजेंद्र
सेवानिवृत्त सीएचटी राजेंद्र शर्मा का कहना है कि शिशु रोग विशेषज्ञ के अभाव में उन्हें बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। कई बार तो इलाज से पहले ही मरीज दम तोड़ देते हैं।
महिला रोग विशेषज्ञ न होना चिंतनीय : शाडिल्य
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य केके शांडिल्य का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र भटियात में महिला रोग विशेषज्ञ न होना चिंता का विषय है। सरकार को यहां पर भी महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती करनी चाहिए।
नहीं मिल रहा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ : तिलक
सेवानिवृत्त शिक्षक तिलक राज ने कहा कि सर्जन न होने से यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त पैसे खर्च कर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है।
निजी अस्पतालों में कराना पड़ रहा इलाज : मदन
समाजसेवी मदन लाल ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ न मिलने से लोगों को निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ता है। ऐसे में गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले लोगों के पैसे और समय की बरबादी हो रही है।
बीएमओ डॉ. सतीश फोतेदार ने बताया सिविल अस्पताल चुवाड़ी में महिला और शिशु रोग विशेषज्ञों के पद खाली हैं। बताया कि समय-समय पर इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा रहा है।