चंबा। बैली पंचायत के सैकड़ों लोगों को अब उफनती रावी को घरूरू (झुला पुल) से पार नहीं पड़ेगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग नौ करोड़ से रावी नदी में 90 मीटर लंबा पुल बना रहा है।
इस पुल को बनाने के लिए टेंडर आवंटित हो चुका है। ठेकेदार ने जोर-शोर से काम शुरू कर दिया है। विभाग ने ठेकेदार को इसी साल अक्टूबर में पुल निर्माण पूरा करने के आदेश जारी दिए हैं। पुल के काम में गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाह न हो, इसके लिए हर वक्त एक अधिकारी काम पर नजर रख रहा है। आजादी के बाद से बैली पंचायत के लोग रावी को घरूरू में बैठकर पार कर रहे हैं। ऐसे में रावी नदी में गिरने का खतरा भी बना रहता है। पंचायत के कई लोग घरूरू से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
इसलिए लोग लंबे समय से सरकार और लोनिवि से मांग कर रहे थे कि रजेरा के पास बैली वासियों के लिए बड़ा पुल बनाया जाए। इसको लेकर लोनिवि ने एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा। सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए पुल निर्माण के लिए 9 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। विभाग ने धनराशि स्वीकृत होने पर इस कार्य के टेंडर आवंटित किए। संबंधित ठेकेदार को तय समयावधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने के आदेश जारी किए।
पुल बनने से बैली, भानिया, सेली, भियाटा, छुबारू, फाटघोड़ी, चरीड़ा, कुपाहड़ी, बघैर, टिक्कर, नैणी और नरखंडा सहित आस पास के गांव के लोगों को लाभ मिलेगा। इन गांव के लोग आजादी के बाद से पुल बनाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए ग्रामीणों ने कई बार सरकार और जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे। रावी नदी में बाढ़ आने पर इन गांव के लोगों की मुसीबतें बढ़ जाती थी। घरूरू रावी नदी के पानी में समा जाता था। इससे लोग नदी को पार नहीं कर पाते थे। इसके चलते वे अपने घरों में ही कैद होकर रह जाते थे। कई बार घरूरू क्षतिग्रस्त होने पर कई दिनों तक घरों में ही कैद होना पड़ता था। ऐसी परिस्थिति में ग्रामीणों को रोजी-रोटी कमाने में भी काफी परेशानी होती थी। गांव के ज्यादातर लोग रोजी-रोटी के लिए रोजाना रजेरा या जिला मुख्यालय में काम करने के लिए जाते हैं।
दो करोड़ से बनाई जा रही चार किमी लंबी सड़क
पुल के साथ-साथ रजेरा से बैली के लिए दो करोड़ से अधिक की धनराशि से चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी करवाया जा रहा है। पुल के साथ-साथ लोगों को अब सड़क सुविधा भी नसीब होगी। सड़क का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। पचास प्रतिशत सड़क बन चुकी है। जब पुल बनकर तैयार होगा तो बैली पंचायत के एक दर्जन से अधिक गांव के लोग वाहनों में सवार होकर गांव पहुंच पाएंगे। पुल और सड़क का निर्माण कार्य चलने से लोगों में खुशी की लहर है।
बैली पंचायत के लोग खेतीबाड़ी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। क्षेत्र में सब्जी का उत्पादन भी बहुत होता है। ऐसे में किसानों को अपनी सब्जी मंडी तक पहुंचाने में काफी सुविधा मिलेगी। ढुलान का खर्च कम होगा। गांव में सीधे माल वाहक वाहनों में सब्जी लादकर बाजार में पहुंचाई जा सकेगी। किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। इसको लेकर किसानों में खुशी की लहर है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि बैली पंचायत के लोग लंबे समय से पुल बनाने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग अब पूरी होने वाली है। नौ करोड़ से रावी नदी में पुल का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके अलावा पंचायत वासियों के लिए चार किमी लंबी सड़क भी बनाई जा रही है।