तीसा (चंबा)। जल शक्ति विभाग में कार्यरत मल्टी टास्क वर्करों ने प्रदेश सरकार से मार्च 2023 के बजट सत्र के दौरान उन्हें नियमित करने की मांग उठाई है। अपनी मांगों को लेकर मल्टी टास्क वर्करों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम चुराह के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांग पत्र भेजा है। इसमें यूनियन ने प्रदेश सरकार से मार्च 2023 के बजट में उन्हें नियमित करने की मांग की है।
वर्ष 2020 और 2021 में जलशक्ति विभाग में नियुक्त मल्टी टास्क वर्करों का कहना है कि नियुक्ति के समय विभाग ने छह घंटे काम करने का शपथ पत्र लिया था जबकि वर्तमान समय में उनसे 8 से 10 घंटे काम लिया जा रहा है। इसकी एवज में मात्र 3,900 सौ रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है जो इस महंगाई के दौर में ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इतने कम वेतन में परिवारों का पालन पोषण करना कठिन हो रहा है। इससे उन्हें मानसिक तौर पर परेशानी हो रही है।
मल्टी टास्क वर्कर प्रेम लाल, राहुल शर्मा, बोधराज, भाग चंद, मान सिंह, मंजीत, भगत राम, पवन कुमार, तारा चंद, जन्म सिंह, हरीश कुमार, रविंद्र, खेलोदेवी, ओमदेई का कहना कि नियुक्ति के बाद उनके वेतन में नाममात्र का ही इजाफा हुआ है जबकि दूसरे कर्मचारियों के वेतन में हजारों रुपये का इजाफा किया गया है। यह मल्टी टास्क वर्करों के साथ अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मार्च 2023 के बजट में मल्टी टास्क वर्करों को नियमित कर उनके साथ न्याय करने की मांग की है। एसडीएम चुराह गिरीश सामरा ने मांग पत्र सौंपने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह मांग पत्र जल्द प्रदेश सरकार को भेज दिया जाएगा।