मेडिकल कॉलेज चंबा में हुये विवाद को लेकर पुलिस कर्मचारी से बात करते सदर विधायक पवन नैयर।संवाद
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चंबा। हिमकेयर कार्ड का मरीज को लाभ न मिलने पर मेडिकल कॉलेज चंबा परिसर में पहुंच कर सदर विधायक पवन नैयर प्रबंधन पर खूब भड़के। रजिंडू निवासी नारायण ने बताया कि तीन माह पहले उसके 20 वर्षीय बेटे हेमराज की वाहन दुर्घटना में टांग टूट गई थी।
आपातकालीन कक्ष में चिकित्सक ने तुरंत मरीज का ऑपरेशन करने की बात कही। ऐसे में वहां पर बैठे एक व्यक्ति ने प्लेट डालने के नाम पर उनसे 25 हजार रुपये और बाद में फिर से दवाइयों सहित अन्य सामान लाने पर उससे 10 हजार रुपये वसूले। मरीज के पिता ने बताया कि जब उसने व्यक्ति से दवाइयों का बिल मांगा तो उसने पांच हजार रुपये की और डिमांड कर डाली।
इससे परेशान होकर प्रभावित सदर विधायक से मिला। इसके बाद शुक्रवार सायं 4:00 बजे विधायक ने मेडिकल कॉलेज चंबा में पहुंच कर पूरे मामले को लेकर मौके पर पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक से जवाब तलब किया। उन्होंने तुरंत पुलिस को बुला कर संबंधित पैसे ऐंठने वाले व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही। खैर, करीब एक घंटे तक यह ड्रामा चलता रहा। इसके बाद प्रभावित पुलिस टीम के साथ चौकी चला गया जहां पर दूसरे पक्ष को पुलिस ने बुलाया है।
सदर विधायक के समक्ष उटीप निवासी सुधीर कुमार ने बताया कि उनके पिता घर में ही गिरने से चोटिल हुए जो बीते चार दिन से मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन हैं। मेडिकल कॉलेज में निशुल्क दवाइयां देने के बजाय चिकित्सक मरीज का उपचार करने के लिए बाहर से दवाइयां मंगवाकर उपचार कर रहे हैं। लिहाजा उन्हें हिमकेयर कार्ड का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सदर विधायक ने मरीज की दवाइयों के बिल मेडिकल कॉलेज चंबा में जमा करवा कर समस्त राशि वापिस करने के निर्देश जारी किए हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि तीन माह पूर्व व्यक्ति के बेटे की दुर्घटना में टांग टूटी थी। समय पर चिकित्सक उपचार न करते तो टांग काटनी पड़ सकती थी। व्यक्ति ने समय पर हिमकेयर कार्ड मेडिकल कॉलेज चंबा में जमा नहीं करवाया और बाहर स्थित किसी दुकान से सामान लाकर उपचार करवाया। ऐसे में अब किस दुकान से सामान लाया गया है, इसके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं। तीन माह बाद अब व्यक्ति मेडिकल कॉलेज चंबा में अपनी व्यथा लेकर पहुंचा है।