चंबा। शिक्षा खंड तीसा में मिड-डे मील वर्करों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके चलते उन्हें परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
उन्हें घर का राशन खरीदने के लिए रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। वेतन का भुगतान नहीं होने से खर्च के लिए पैसे नहीं बचे हैं। यह बात मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू की बैठक में जोर-शोर से उठी।
शनिवार को भंजराडू में बैठक हुई। इसमें सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार विशेष रूप से शामिल रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा खंड तीसा में पिछले चार महीने से वर्करों को मानदेय नहीं मिला है। अन्य खंडों में मानदेय मिल चुका है। खंड और जिला स्तर पर अधिकारियों से बात करने के बाद भी टालमटोल किया जा रहा है। उन्होंने विभाग की इस तरह की कार्यप्रणाली की आलोचना की है। चेतावनी भी दी है कि मिड-डे मील वर्करों का शोषण सीटू किसी भी शर्त में सहन नहीं करेगी। सोमवार तक अगर मानदेय नहीं मिलता है तो यूनियन अगला कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि इन वर्करों को सबसे कम मानदेय मिलता है। यह भी समय पर नहीं दिया जाता। बैठक में तीसा ब्लॉक के अध्यक्ष दीप सिंह, सचिव ललिता कुमारी, कमेटी सदस्य यूसफ, डोगरु, बालो, लाल चंद, अर्जुन कुमार, ढालो, रीनू, ललिता देवी, चंपी, होशियारी, जयवंती, शीला देवी, प्रेम देई, नारो देवी, जग देई, हमीरू, मान देई, भाग देई, सुभद्रु, तारो सहित अन्य शामिल रहे।