फैसला वापस नहीं लिया तो 30 अक्तूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन की चेतावनी
दस माह के वेतन को 12 महीनों में बांटने का विरोध, दिल्ली में मजदूर महापड़ाव में भाग लेने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। शिक्षा विभाग की वेतन संबंधी नई अधिसूचना के विरोध में मिड-डे मील वर्कर यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो 30 अक्तूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया जाएगा।
यह मुद्दा मिड-डे मील वर्कर यूनियन ब्लॉक कमेटी सलूणी की बैठक में उठा। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष संदेश कुमारी ने की। इसमें सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र और यूनियन के जिला अध्यक्ष विपिन ने भी विचार रखे।
नरेंद्र और विपिन ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स कम मानदेय पर स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। महंगाई और बेरोजगारी के दौर में उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, लेकिन मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
यूनियन नेताओं ने शिक्षा विभाग की उस अधिसूचना पर आपत्ति जताई, जिसके तहत दस माह के वेतन को 12 महीनों में बांटकर देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसे वर्कर्स के साथ अन्याय बताते हुए विभाग से फैसला वापस लेने की मांग की। साथ ही चेताया कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। बैठक में एक दिसंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मजदूरों के महापड़ाव में प्रदेश से हजारों मिड-डे मील वर्कर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया गया।