चंबा। मिड-डे मील वर्कर यूनियन ब्लॉक सलूणी की बैठक सलूणी में हुई। इसकी अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश ने की। बैठक में सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र शामिल रहे।
नरेंद्र ने कहा कि पिछले चार महीने से मिड-डे मील वर्कर बिना मानदेय के कार्य कर रहे हैं। उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिना पगार घर का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। सरकार मिड-डे मील वर्करों के प्रति जरा भी संवेदनशील नहीं है। हालांकि, यूनियन ने कई बार मांग उठाई है, मगर सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने बताया कि मिड-डे मील वर्कर यूनियन ने अपने तय कार्यक्रम के तहत 22 सितंबर को विधानसभा का घेराव करेगी। इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताया कि मिड-डे मील वर्कर कई वर्षों में स्कीम के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार इनके भविष्य के प्रति जागरूक नहीं है। मिड-डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है। पेंशन योजना से भी वंचित रखा गया है। सरकार मात्र 4000 रुपये मानदेय दे रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि न्यूनतम वेतन 11250 रुपये दिया जाए। इसके अलावा मिड-डे मील वर्करों के लिए छुट्टी का प्रावधान किया जाए। हाल ही में बीपीएल से मिड-डे मील वर्करों को बाहर किया गया। यूनियन ने मांग की है कि प्रत्येक स्कूल में दो मिड डे मील वर्कर नियुक्त किए जाएं। उन्होंने 25 बच्चों की गैर न्यायिक शर्त हटाने की भी मांग की। बैठक में ब्लॉक सचिव वरिता, लीला, सन्देश, सत्या ममता, बिना, जीवन, महेन्द्र, जगदीश भोटी, रीता, ढोलकु, कौशल्या आदि मौजूद रहे।