बा में गैहरा के पास निजी बस के अंदर सीट पर पड़ा पत्थर।संवाद
बेटे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता के पैरों तले से खिसकी जमीन
लाडले से बात करने के लिए बीमार पिता मोबाइल पर करते रहे फोन
शव घर पहुंचते ही चीख-पुकार से गूंज उठा गांव, गांव के लोग भी रोये
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर बस पर पत्थर गिरने से एक परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। साहिल 22 पुत्र नाथो राम निवासी गांव घरेड़ डाकघर गोली अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी।
पिता लोक निर्माण विभाग से कुछ समय पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। पिता को रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या है। उन्हें डॉक्टरों ने आराम करने का परामर्श दिया है। माता-पिता का लाडला हमेशा अपने ताया के बेटे के साथ ही रहता था। जिस बेटे का माता-पिता ने 22 सालों तक पालन-पोषण किया, अब वह इस दुनिया में नहीं रहा। माता-पिता को जैसे ही यह खबर मिली तो दोनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें इस पर भरोसा नहीं हो रहा था कि अब उनका बेटा कभी वापस घर नहीं लौटेगा। पिता बेटे से बात करने के लिए उसके फोन नंबर पर फोन करने लगे लेकिन बेटे से बात नहीं हो पाई।
गांव के अन्य लोग भी उनके घर पर पहुंच गए। जैसे ही बेटे का शव घर पहुंचा तो रोने की आवाज से पूरा गांव गूंज उठा। परिवार वालों के साथ गांव के अन्य लोग भी अपनी आंखों से आंसू बहने से नहीं रोक पाए।