चंबा में गैहरा के पास निजी बस पर पत्थर गिरने के बाद क्षतिग्रस्त बस।संवाद
चचेरा भाई बोला - घायल को गोद में उठाकर आधा घंटा सड़क पर खड़ा रहा
मेडिकल कॉलेज चंबा में साहिल के परिजनों की आंखों से छलकते रहे आंसू
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा के बाहर परिजनों की आंखों में सिर्फ आंसू नहीं, बल्कि एक सवाल भी था। उनका कहना था कि समय पर अस्पताल पहुंच जाते तो शायद साहिल की जान बच सकती थी।
परिवार का आरोप है कि एक टैक्सी चालक ने सवारियों का हवाला देकर मदद से इन्कार कर दिया। इसी देरी ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं। टैक्सी चालक ने मानवता दिखाई होती को शायद साहिल आज हमारे बीच होता। इस बात का उन्हें पूरी जिंदगी मलाल रहेगा।
यह बात मेडिकल कॉलेज में रोते हुए साहिल के चचेरे भाई विशाल ने कही। उन्होंने बताया कि बस पर पत्थर गिरने से घायल साहिल को गोद में उठाकर वह आधा घंटा सड़क पर खड़े रहे। वहां एक टैक्सी पहुंची। उन्होंने टैक्सी वाले से मदद मांगी और घायल साहिल को अस्पताल ले जाने की बात कही। टैक्सी चालक ने जवाब दिया कि उसके साथ सवारियां हैं, वह नहीं जा सकता। चालक से बहुत मिन्नतें कीं लेकिन वह नहीं माना। उसके जाने के बाद आधे घंटे के बाद एक कार पहुंची। इसमें साहिल को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल था। वहां मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें संभाला।