चंबा में रामलीला कबे पहले दिन श्रवण कुमार, रावण की तपस्या और दशरथ दरबार के प्रसंगों ने खींचा ध्यान
गणेश वंदना के साथ शुरू हुई रामलीला, आकर्षण का केंद्र रहे रामलीला के प्रसंग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। रावण के बढ़ते अत्याचारों से व्याकुल पृथ्वी माता की पुकार और देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु के प्रकट होने का प्रसंग चंबा में रामलीला के पहले दिन आकर्षण का केंद्र रहा।
रामलीला क्लब चंबा की ओर से गणेश वंदना और आरती के साथ रामलीला का शुभारंभ किया गया। कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दर्शकों को धार्मिक और सांस्कृतिक कथा से जोड़ा।
पहले दिन की शुरुआत माता-पिता की सेवा में लीन श्रवण कुमार के प्रसंग और राजा दशरथ के प्रवेश से हुई। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और विभीषण की कठोर तपस्या तथा ब्रह्मा जी के प्रकट होकर वरदान देने के दृश्य प्रस्तुत किए गए। इंद्र के दरबार में वरुण, कुबेर, यम, सूर्य, चंद्रमा और अग्नि सहित विभिन्न पात्रों ने अपनी भूमिकाएं निभाईं। रावण और देवताओं की सेनाओं के बीच युद्ध के साथ रावण के दरबार, महल और जंगल के प्रसंग भी दिखाए गए।
रावण के अत्याचारों से परेशान पृथ्वी माता की पुकार पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के प्रकट होने का दृश्य भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद राजा दशरथ के दरबार में गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत और ऋंगी ऋषि की उपस्थिति में यज्ञ का प्रसंग दिखाया गया। महारानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा के साथ भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न से जुड़े प्रसंग भी प्रस्तुत किए गए। रामलीला क्लब के अध्यक्ष स्वप्न महाजन ने बताया कि रामलीला के माध्यम से लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।