भरमौर के चोबिया में भूस्खलन से गोशाला गिरने के बाद बचाव कार्य में जुटे ग्रामीण।
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भरमौर (चंबा)। चौबियां के मांडों गांव में भूस्खलन की जद में आने से दो मंजिला गोशाला ध्वस्त हो गई। गोशाला गिरने से उसमें बंधी करीब 30 भेड़-बकरियां और छह मवेशी दबकर मर गए। गोशाला के धराशायी होने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना वक्त गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।
जिले में मूसलाधार बारिश अब कहर बनकर बरस रही है। चार दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अब लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बुधवार देर रात मूसलाधार बारिश के चलते मांडों निवासी विक्रमजीत और पवन पुत्र विधा की दो मंजिला गोशाला ध्वस्त हो गई। गोशाला के जमींदोज होने से उसमें बंधी 30 भेड़-बकरियां और छह अन्य मवेशी गाय, बैल और बछडे़ मलबे में दब गए। मलबे में दबे मवेशियों को निकालने का कार्य वीरवार सुबह तक चलता रहा। कहा कि नुकसान का आकलन करने के बाद प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
संबंधित एरिया पटवारी संदीप कुमार ने बताया कि मांडों गांव में गोशाला गिरने से विक्रमजीत और पवन की 30 भेड़-बकरियों समेत 36 मवेशी दब कर मर गए हैं। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा ले लिया गया है। एसडीएम भरमौर मनीष सोनी ने कहा कि मांडों गांव में गोशाला गिरने से दो लोगों की 30 भेड़-बकरियां और छह मवेेशियों की मौत हुई है। कहा कि प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत दे दी गई है।