सलूणी (चंबा)। पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंचे 265 श्रद्धालुओं की दर्जनों गाड़ियां का काफिला रविवार अल सुबह लंगेरा नाले में हुए भारी भूस्खलन के कारण फंस गया। स्थानीय ग्रामीणों को इसकी भनक लगते ही उन्होंने प्रशासन को अवगत करवाने के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सलूणी प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए त्वरित व्यवस्था करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भांदल और संघणी के ताले खुलवा दिए गए तो वहीं, कई श्रद्धालुओं ने लोगाें के घरों में शरण ली। बताया जा रहा है कि अब रात के समय 270 श्रद्धालुओं का अगला जत्था लंगेरा पहुंचेगा। भांदल और संघणी के स्कूलों में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
भांदल पंचायत प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि भूस्खलन से रास्ता बंद होने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने यह जानकारी प्रशासन को दी। एसडीएम के निर्देश पर स्कूलों के कमरों को खोल दिया गया तो कई श्रद्धालुओं को लोगों ने अपने घरों में ठहराया। उधर, एसडीएम चंद्रवीर सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए स्कूल खुलवा दिए गए। रास्ता बहाल होने पर उन्हें चंबा भेज दिया है। रात के समय 270 श्रद्धालुओं के अगले जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था स्कूलों में की गई है।