चंबा। प्रदेश सरकार की ओर से नियुक्ति ऑर्डर करने के बावजूद जिले में नौकरी करने के लिए लैब तकनीशियन तैयार नहीं हैं। सात दिन पहले सरकार ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में 91 लैब तकनीशियनों की नियुक्ति के ऑर्डर किए हैं। इनमें चंबा जिले को मात्र तीन लैब तकनीशियन दिए गए। इन तीनों में से किसी ने भी जिले में ज्वाइन नहीं किया है। गौरतलब है कि जिले के पचास स्वास्थ्य संस्थानों में चालीस लैब तकनीशियनों के पद खाली पड़े हैं। इसकी वजह से मरीजों के स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरी टेस्ट तक नहीं हो पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग पदों को भरने के लिए कई बार सरकार को पत्र भी लिख चुका है लेकिन, सरकार की ओर से अभी तक इन पदों को नहीं भरा गया है। इससे चंबा के प्रति स्वास्थ्य को लेकर सरकार की गंभीरता साफ दिखाई देती है। लंबे अरसे के बाद सरकार ने चंबा के तीन स्वास्थ्य केंद्रों में तीन लैब तकनीशियनों के ऑर्डर निकाले। इनमें से किसी भी तकनीशियन ने सरकार के ऑर्डर को मानना जरूरी नहीं समझा। एक तकनीशियन ने सात दिन में अपनी एडजस्टमेंट करवा ली। जबकि, दो लैब तकनीशियनों ने अभी तक ज्वाइन ही नहीं किया। वर्तमान में हालात यह हैं कि मरीज जरूरी टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों या जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
एक लैब तकनीशियन ने करवा ली एडजस्टमेंट
सात दिन पहले कांगड़ा निवासी लैब तकनीशियन की सीएचसी साहो के लिए ऑर्डर हुए थे। लैब तकनीशियन ने ज्वाइन करने की बजाय सात दिन में कांगड़ा में ही अपनी एडजस्टमेंट करवा ली। इसके चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहो में लंबे अरसे से खाली पड़ा लैब तकनीशियन का पद अभी तक नहीं भर पाया है।
उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि सरकार को लैब तकनीशियन के खाली पदों को भरने के बारे में अवगत करवा दिया गया है। सरकार जल्द खाली पदों को भरने की दिशा में उचित कदम उठा सकती है।