चंबा। आयुष विभाग पंचकर्म प्रशिक्षण के प्रशिक्षणार्थियों से तीस हजार रुपये वसूल कर रहा है, जो कि अनुचित है।
आयुर्वेद विभाग के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी और वर्तमान में प्रदेश आयुर्वेद एवं यूनानी बोर्ड के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि आयुष विभाग में क्षेत्रीय आयुर्वेद अस्पताल शिमला और राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय अस्पताल पपरोला में यह एक वर्षीय आयुर्वेद स्पा थैराफिस्ट (पंचकर्म) कोर्स करवाया जा रहा है। इसके लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं कक्षा है। 18 से 35 वर्ष के पात्र युवाओं से यह कोर्स करवाया जाता है। इस वर्ष कोर्स के लिए 31 जुलाई तक आवेदन 100 रुपए शुल्क के साथ संबंधित चिकित्सा अधीक्षक की ओर से आमंत्रित किए गए हैं।
बताया कि अब तक यह प्रचलन में आया है कि स्वरोजगार के लिए इस प्रशिक्षण में गांव की पृष्ठ भूमि के गरीब परिवार के बच्चे ही मुख्य रूप से शामिल होते हैं। जिन्हें इस प्रशिक्षण अवधि के दौरान मकान के किराये के साथ इस महंगाई के दौर मे राशन और दैनिक खानपान का बिल भी घर के बाहर रहने के कारण चुकाना पड़ता है। जो कम से कम बारह हजार रुपये मासिक पड़ता है। इस संबंध में वे शीघ्र मुख्यमंत्री और आयुष मंत्री के अतिरिक्त सचिव आयुष व निदेशक आयुष से भी चर्चा कर फीस राहत के लिए आग्रह करेंगे।