चंबा। विकास खंड सलूूूणी में बाड़का वन बीट के जंगल में हुए अवैध कटान मामले में वन विभाग ने दस दिन के भीतर सौ और स्लीपर बरामद किए हैं। इससे पहले विभाग ने 70 स्लीपर बरामद किए थे। बताया जा रहा है कि हाल में जो स्लीपर मिले हैं वे लोगों ने जंगलों से काटकर अपने घरों में रखे थे लेकिन मामले की जांच होने की भनक लगते ही लोगों ने लकड़ी नाले में फेंक दी। वन विभाग की टीम ने लकड़ी को नाले से बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया है।
लकड़ी फेंकने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। गौरतलब है कि जंगल में 700 से अधिक देवदार पेड़ काटे गए हैं। ये पेड़ किसी निगम के लॉट के तहत नहीं बल्कि अवैध रूप से काटे गए हैं। इस मामले में वन विभाग ने अपने वन परिक्षेत्र अधिकारी, बीट अफसर और वन रक्षक को पहले ही निलंबित कर दिया है। इन कर्मचारियों को जंगल से काटी गई लकड़ी को बरामद करने के निर्देश दिए गए हैं जो संदिग्ध लोगों के घरों में निरीक्षण कर लकड़ी बरामद करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी डर से कुछ वन काटुओं ने अपने घरों में छुपाकर रखी लकड़ी को नाले में फेंक दिया। इस मामले की निष्पक्ष जांच करने का जिम्मा विभाग ने वनमंडलाधिकारी चुराह को सौंपा है। उन्हें आगामी 15 दिनों में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। इसके बाद विभाग आगामी कार्रवाई करेगा। जंगल में काटे गए देवदार के अधिकतर पेड़ों की लकड़ी गायब हो चुकी है। इसकी रिकवरी करना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है।
चंबा के वन मुख्य अरण्यपाल एचके सरवटा ने कहा कि अब तक देवदार के 170 स्लीपरों को बरामद किया जा चुका है। इनमें 70 स्लीपर पहले मिले थे और सौ स्लीपर पिछले दस दिन में टीम ने बरामद किए हैं।