अारएम शिमला के तबादले और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे एचआरटीसी कर्मी।
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चंबा। आरएम शिमला के तबादले से गुस्साए एचआरटीसी चालकों-परिचालकों ने चंबा में बसों के पहिये रोक दिए। चालकों-परिचालकों ने न्यू बस स्टैंड में ही हड़ताल शुरू कर दी। दोपहर करीब 2:30 बजे चालक-परिचालक गाड़ियों से उतर आए और धरने पर बैठ गए।
चालकों-परिचालकों ने आरएम शिमला का तबादला निरस्त करने की मांग सहित अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी की। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जिले में परिवहन सेवा पूरी तरह चरमरा गई है। नतीजतन, जिले में ढाई बजे के बाद 42 रूटों पर बस सेवाएं बाधित रहीं। इनमें से 36 लोकल और छह लंबे रूट शामिल रहे। कर्मचारियों ने दो टूक चेताया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक उनका आंदोलन थमेगा नहीं।
गौरतलब है कि शिमला में गत दिनों निजी बस ऑपरेटरों ने आरएम के तबादले की मांग उठाई थी। उसके बाद सरकार ने आरएम शिमला का तबादला कर दिया है जो शिमला के चालकों-परिचालकों को रास नहीं आया। चालक-परिचालक मनजीत कुमार, पवन कुमार, सुरेश कुमार, अमित कुुमार, प्रवीण कुमार और देस राज का कहना है कि प्रबंधन कर्मचारियों के हक-हकूक को छीनने का काम कर रहा है। एक तरफ जहां काम करने वाले अधिकारियों का बेवजह तबादला किया जा रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ तीन से चार वर्षों से लंबित चल रही मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि आएम शिमला का तबादला निरस्त किया जाए। साथ ही कर्मचारियों की मांगों को बिना विलंब पूरा किया जाए अन्यथा यह आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार को चंबा-दिल्ली दो बसें, चंबा-सुंदरनगर, चंबा-चंडीगढ़ सहित चंबा-शिमला के लिए चलने वाली दो बसों सहित जिले के 36 रूटों पर बस सेवाएं बंद रही।