वर्कशॉप चंबा में बसों की मरम्मत कार्य में जुटे कर्मचारी।
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चंबा। जिले के 12 रूटों पर एचआरटीसी बसों के मंगलवार को पहिए थमे रहे। बसों की मरम्मत न होने से इस प्रकार की नौबत पेश आई। ग्रामीणों को घरों तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लेकर और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
व्यवस्थाओं के पटरी पर न लौटने से ग्रामीण एचआरटीसी की कार्यप्रणाली को कोसते दिखे। एचआरटीसी प्रबंधन के अधिकारियों की मानें तो बड़ी खराबी से खड़ी बसों को ठीक करने में अधिक समय लग रहा है। दो सप्ताह का समय व्यवस्थाएं पटरी पर लौटने में लग सकता है।
पीसमील वर्करों की हड़ताल के बाद अब काम पर लौटने के तीसरे दिन बाद भी जिला में अधिकांश रूटों पर बस सेवाएं आरंभ नहीं हो पाई हैं। पूरी तरह से बस सेवाएं शुरू न होने से लोगों की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं।
लोगों को गंतव्यों तक पहुंचने के लिए कई प्रकार के जुगाड़ करने पड़ रहे हैं। इसका सीधा असर बस में यात्रा करने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है। मंगलवार को चंबा-भरमौर, चंबा-द्रम्मण, चंबा-ढांगू-इंदौरा, चंबा-भरमौर, चंबा-काहरी, चंबा-मंगलेरा, चंबा-दियोला, चंबा-चलूंज, चंबा-छतराड़ी, चंबा-कोल्हड़ी, चंबा- सुनारा-कुडी, चंबा- डलहौजी रूटों पर बस सेवाएं बंद रही। बसों के इंतजार में देरशाम तक जगह-जगह इंतजार करने के बाद लोगों को जैसे-तैसे गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा।
आरएम चंबा राजन जंवाल ने बताया कि मंगलवार को 12 रूटों पर बसें नहीं चली। कर्मचारी खराब बसों की मरम्मत कर उन्हें चला रहे हैं। ज्यादा खराब बसों को चलाने में दो सप्ताह लग सकते हैं।